सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी: ईडी ने 6 राज्यों में मारा छापा
सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का खुलासा
नई दिल्ली: देशभर में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे एक बड़े ठगी रैकेट का प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने खुलासा किया है। गुरुवार की सुबह, ईडी ने 6 राज्यों के 15 शहरों में एक साथ छापेमारी की, जिससे हड़कंप मच गया। यह कार्रवाई एक संगठित गिरोह के खिलाफ की गई है, जो फर्जी नियुक्ति पत्र और कॉल लेटर के माध्यम से बेरोजगार युवाओं को ठग रहा था।
फर्जी नियुक्तियों का जाल
जांच में यह सामने आया है कि यह गिरोह भारतीय रेलवे सहित लगभग 40 सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से बड़ी रकम वसूलता था। फर्जी दस्तावेजों और नकली ईमेल आईडी का उपयोग कर युवाओं को विश्वास में लिया जाता था, जिससे यह ठगी लंबे समय तक चलती रही।
रेलवे और अन्य विभागों के नाम पर धोखाधड़ी
ईडी की जांच के अनुसार, यह ठगी गैंग रेलवे के अलावा डाक विभाग, वन विभाग, टैक्स डिपार्टमेंट, हाई कोर्ट, लोक निर्माण विभाग, बिहार सरकार, डीडीए और राजस्थान सचिवालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के नाम पर कर रहा था। युवाओं को आरपीएफ, टीटीई और रेलवे टेक्नीशियन जैसे पदों पर नौकरी दिलाने का लालच दिया जाता था।
फर्जी ईमेल से भेजे जाते थे नियुक्ति पत्र
गिरोह की सबसे बड़ी चाल यह थी कि वह ऐसे फर्जी ईमेल अकाउंट बनाता था, जो देखने में असली सरकारी विभागों से भेजे गए लगते थे। इन्हीं ईमेल आईडी से लोगों को नियुक्ति पत्र और कॉल लेटर भेजे जाते थे, जिससे ठगी का शक नहीं होता था।
भरोसा जीतने के लिए भेजी जाती थी सैलरी
जांच में यह भी सामने आया है कि लोगों का भरोसा जीतने के लिए इस गिरोह ने कुछ पीड़ितों के खातों में 2 से 3 महीने तक सैलरी के नाम पर रकम ट्रांसफर की। आरपीएफ और टीटीई जैसी नौकरियों का झांसा देकर उन्हें नियमित वेतन मिलने का अहसास कराया जाता था और इसी दौरान उनसे बड़ी रकम ठग ली जाती थी।
छापेमारी का दायरा
फिलहाल, ईडी बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात और केरल में इस मामले में छापेमारी कर रहा है।
- उत्तर प्रदेश: गोरखपुर में 2 स्थानों पर, प्रयागराज में 1 और लखनऊ में 1 जगह रेड
- बिहार: मुजफ्फरपुर में 1 और मोतिहारी में 2 स्थानों पर छापे
- पश्चिम बंगाल: कोलकाता में 2 ठिकानों पर कार्रवाई
- अन्य राज्य: चेन्नै, राजकोट और केरल के 4 शहरों में ईडी की रेड जारी
आगे की कार्रवाई
ईडी इस पूरे नेटवर्क से जुड़े दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों की जांच कर रहा है और आने वाले दिनों में इस फर्जीवाड़े से जुड़े और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
