साइप्रस के राष्ट्रपति की पीएम मोदी से मुलाकात: तुर्की के खिलाफ नई रणनीति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टो डेलिड्स से मुलाकात की, जिसमें तुर्की के बढ़ते खतरे और साइप्रस की संप्रभुता पर चर्चा की गई। इस मुलाकात के दौरान, पीएम मोदी ने भारत के समर्थन की पुष्टि की, जबकि साइप्रस ने भारत की स्थायी सीट की मांग की। तुर्की की ब्लू होमलैंड नीति के तहत साइप्रस के गैस भंडारों पर दावा करने की कोशिशों के बीच, चार देशों का एक नया सहयोगी समूह बनाने की योजना भी बनाई जा रही है।
| May 23, 2026, 18:40 IST
साइप्रस के राष्ट्रपति का भारत दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में पांच देशों की यात्रा से लौटने के बाद एक महत्वपूर्ण मुलाकात की। पीएम मोदी के साथ खड़े व्यक्ति साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टो डेलिड्स हैं, जो भारत के दुश्मनों के खिलाफ एक मजबूत सहयोगी माने जाते हैं। इस मुलाकात का उद्देश्य तुर्की द्वारा साइप्रस पर बढ़ते खतरे के संदर्भ में चर्चा करना था। तुर्की, जो भारत का भी प्रतिकूल है, साइप्रस के लिए एक बड़ा संकट उत्पन्न कर सकता है।
तुर्की का बढ़ता खतरा
साइप्रस, जो तुर्की का सबसे बड़ा प्रतिकूल है, ने पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान तुर्की के संभावित कानून के बारे में चेतावनी दी, जो साइप्रस की संप्रभुता को खतरे में डाल सकता है। तुर्की ने हाल ही में अपनी ब्लू होमलैंड नीति को लागू करने की योजना बनाई है, जिसका उद्देश्य समुद्री संसाधनों पर नियंत्रण स्थापित करना है। साइप्रस का कहना है कि तुर्की इस नीति के तहत उनके गैस भंडारों पर दावा कर रहा है।
भारत का समर्थन
पीएम मोदी ने स्पष्ट किया है कि भारत साइप्रस की संप्रभुता और सुरक्षा का समर्थन करता है। साइप्रस के राष्ट्रपति ने इस समर्थन के लिए भारत का धन्यवाद किया और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सीट की मांग की। इसके अलावा, साइप्रस, भारत, इजराइल और ग्रीस एक नए सहयोगी समूह की स्थापना की योजना बना रहे हैं, जिसका उद्देश्य तुर्की के खिलाफ एक संयुक्त मोर्चा बनाना है।
