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सावरकर और अंबेडकर के बीच महाराष्ट्र में बढ़ता विवाद

महाराष्ट्र में भाजपा और एनसीपी के बीच भ्रष्टाचार के मुद्दे पर विवाद गहरा गया है, जो अब सावरकर और अंबेडकर के विचारों के बीच खींचतान में बदल गया है। भाजपा विधायक आशीष सेलार ने सावरकर की विचारधारा का समर्थन किया, जबकि एनसीपी ने अंबेडकरवादी विचारधारा को अपनाने की बात की। इस टकराव के पीछे की कहानी और राजनीतिक बयानों की पूरी जानकारी जानने के लिए पढ़ें।
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सावरकर और अंबेडकर के बीच महाराष्ट्र में बढ़ता विवाद

भ्रष्टाचार पर भाजपा और एनसीपी के बीच टकराव

मुंबई। महाराष्ट्र में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भाजपा और अजित पवार की एनसीपी के बीच विवाद गहरा गया है। अब यह विवाद सावरकर और अंबेडकर के विचारों के बीच खींचतान में बदल गया है। भाजपा विधायक और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आशीष सेलार ने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी सावरकर की विचारधारा को मानती है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा अपने सहयोगियों से हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर का सम्मान करने की अपेक्षा करती है। आशीष सेलार मुंबई के भाजपा अध्यक्ष रह चुके हैं।


सेलार के इस बयान के बाद, उप मुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी अंबेडकरवादी विचारधारा को मानती है और उसी पर आगे बढ़ेगी। एनसीपी के नेता अमोल मिटकरी ने कहा, ‘इस जिद में कितनी सच्चाई है, यह केवल आप जानते हैं। फिलहाल, मैं इतना ही कहूंगा कि हम शिवशाहू, फुले और अंबेडकर आंदोलन के प्रति प्रतिबद्ध हैं और रहेंगे’। मिटकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘हालांकि हम आपकी अपेक्षाओं के अनुसार विचारधारा को स्वीकार नहीं कर सकते, यह एक निर्विवाद सत्य है कि आपको हमारी पार्टी की अंबेडकरवादी विचारधारा को मान्यता देनी होगी’。