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सीएम Yogi Adityanath का सख्त संदेश: फिल्मों में अपराधियों को नायक बनाना है गलत

मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने वाराणसी में एक कार्यक्रम के दौरान फिल्मों में अपराधियों को नायक के रूप में दिखाने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और समाज में गलत संदेश जाता है। सीएम ने फिल्म निर्माताओं से अपील की कि वे जिम्मेदारी से कंटेंट तैयार करें। उन्होंने यह भी बताया कि फिल्में केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि समाज को दिशा देने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं। जानें उनके विचार और इस विषय पर उनका दृष्टिकोण।
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सीएम Yogi Adityanath का सख्त संदेश: फिल्मों में अपराधियों को नायक बनाना है गलत

मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश


मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने वाराणसी में एक कार्यक्रम के दौरान फिल्मों के प्रति एक स्पष्ट और सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि फिल्मों में अपराधियों को नायक के रूप में प्रस्तुत करना समाज के लिए उचित नहीं है। यह केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि समाज को दिशा देने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे में फिल्म निर्माताओं की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। गलत किरदारों को महिमामंडित करना समाज के लिए खतरनाक हो सकता है।


क्या डकैतों को हीरो बनाना गलत है?

सीएम योगी ने कहा कि जब फिल्मों में डकैतों को नायक के रूप में दिखाया जाता है, तो युवा उन्हें अपने आदर्श मानने लगते हैं। इससे समाज में गलत संदेश फैलता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी अपराधी को नायक के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे आने वाली पीढ़ियों की सोच पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यह एक गंभीर चिंता का विषय है।


युवाओं पर पड़ता है सीधा असर

मुख्यमंत्री ने बताया कि युवा वही सीखते हैं जो उन्हें दिखाया जाता है। यदि फिल्मों में गलत उदाहरण प्रस्तुत किए जाएंगे, तो इसका सीधा असर युवाओं पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अतीत में भी ऐसी फिल्मों के कारण कई पीढ़ियां गलत दिशा में गई हैं। इसलिए फिल्म निर्माताओं को अपनी जिम्मेदारी को समझना चाहिए।


क्या 'धुरंधर 2' पर इशारा था?

अपने बयान में सीएम योगी ने बिना नाम लिए एक फिल्म का उल्लेख किया, जिसे 'धुरंधर 2' से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश ने डकैतों को ठुकरा दिया है, जबकि पहले फिल्मों में उल्टा दिखाया जाता था। अच्छे पात्रों को खलनायक और बुरे लोगों को नायक बनाया जाता था, जिसका समाज पर स्पष्ट प्रभाव पड़ा।


फिल्मों से समाज को दिशा मिलती है?

सीएम योगी ने कहा कि फिल्में केवल कहानियाँ नहीं होतीं, बल्कि समाज को दिशा देने का एक बड़ा मंच होती हैं। इसलिए यह आवश्यक है कि ऐसी फिल्में बनाई जाएं जो देश और समाज के लिए प्रेरणा बनें। उन्होंने निर्माताओं और कलाकारों से अपील की कि वे जिम्मेदारी के साथ कंटेंट तैयार करें।


वाराणसी कार्यक्रम में अन्य बातें

सीएम योगी वाराणसी में सम्राट विक्रमादित्य पर आधारित एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने भारत की सांस्कृतिक परंपराओं का उल्लेख किया। उन्होंने राम-लक्ष्मण और कृष्ण-बलराम की जोड़ी का उदाहरण दिया और संत भर्तृहरि तथा विक्रमादित्य के संबंधों को भी बताया।


काशी और उज्जैन का संबंध

मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी और उज्जैन का गहरा आध्यात्मिक संबंध है। काशी में संत भर्तृहरि की साधना स्थली है, जबकि उज्जैन सम्राट विक्रमादित्य की कर्मभूमि रही है। उन्होंने कहा कि भारत की परंपरा में ऐसे उदाहरण समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं और प्रेरणा प्रदान करते हैं।