सीबीएसई कक्षा 12 के छात्रों के लिए पुनर्मूल्यांकन का सुनहरा मौका
नई दिल्ली में सीबीएसई का बड़ा फैसला
नई दिल्ली: कक्षा 12 के छात्रों के लिए सीबीएसई ने अपने अंकों को लेकर किसी भी प्रकार की शंका दूर करने के लिए पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। 2026 के परिणामों के प्रकाशन के बाद, बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यदि मूल्यांकन में कोई त्रुटि पाई जाती है, तो उसे सही किया जाएगा। छात्रों को अपनी उत्तर पुस्तिकाएं देखने और पुनर्मूल्यांकन कराने का अवसर दिया गया है।
पारदर्शिता पर जोर
सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के दौरान छोटी-मोटी गलतियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि हर साल लगभग 1.25 करोड़ उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जाता है, और छात्रों के हित में सुधार का अवसर प्रदान किया जाता है।
#WATCH | Delhi: On Class 12 examination results, CBSE Controller of Examinations, Sanyam Bhardwaj says, "The CBSE is an institution that works in the best interest of the students, and we operate with complete transparency. We evaluate approximately 1.25 crore answer scripts;… pic.twitter.com/cTosAn5CaG
— News Media (@NewsMedia) May 16, 2026
पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया
दो चरणों में होगी प्रक्रिया
सीबीएसई ने पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया को दो भागों में विभाजित किया है। पहले चरण में, छात्रों को अपनी मूल्यांकित उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त करनी होगी। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया 19 मई से शुरू होगी और 22 मई तक चलेगी। इस दौरान छात्र अपनी उत्तर पुस्तिका ऑनलाइन मंगवा सकेंगे।
कॉपी मिलने के बाद, छात्रों को हर उत्तर की सावधानी से जांच करनी होगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी प्रश्न के अंक गलत तो नहीं दिए गए हैं। यदि कोई त्रुटि पाई जाती है, तो छात्र उसे नोट कर सकते हैं। इसके बाद, वे अपनी शिकायत या आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। दूसरी आवेदन विंडो 26 मई से 29 मई तक खुली रहेगी।
पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन
26 से 29 मई तक कर सकेंगे आवेदन
दूसरे चरण में, छात्र सत्यापन या पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकेंगे। इस दौरान वे उन प्रश्नों की जानकारी दे सकेंगे, जहां उन्हें मूल्यांकन में गलती लगती है। यदि जांच में कोई त्रुटि सही पाई जाती है, तो उसे तुरंत ठीक किया जाएगा।
सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि पुनर्मूल्यांकन के बाद अंक बढ़ने के साथ-साथ कम भी हो सकते हैं। संयम भारद्वाज ने कहा कि यदि दोबारा जांच में यह पाया जाता है कि छात्र को ज्यादा अंक मिलने चाहिए थे, तो अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे।
छात्रों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण
छात्रों के भविष्य के लिए अहम है यह प्रक्रिया
बोर्ड परीक्षा के अंक कई छात्रों के लिए कॉलेज में प्रवेश और करियर का आधार बनते हैं। यदि किसी छात्र को लगता है कि उसके प्रदर्शन के अनुसार अंक नहीं मिले हैं, तो यह प्रक्रिया उसे अपनी कॉपी दोबारा जांचने का महत्वपूर्ण मौका देती है। सीबीएसई ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे निर्धारित तारीखों के भीतर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें और आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करें।
