सुप्रिया श्रीनेत का मोदी पर हमला: महिला आरक्षण और कांग्रेस का जिक्र
सुप्रिया श्रीनेत का बयान
नई दिल्ली। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) की सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत ने रविवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में 29 मिनट तक देश को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस का नाम 58 बार लिया। इसका मतलब है कि हर तीसरे सेकंड में पीएम मोदी कांग्रेस का जिक्र कर रहे थे, जो उनके डर को दर्शाता है।
महिला आरक्षण पर मोदी का रुख
महिला आरक्षण पर नरेंद्र मोदी घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं, देश को गुमराह कर रहे हैं।
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि यह स्पष्ट है कि कांग्रेस साहस के साथ लोगों के मुद्दों को उठाती है, जिससे मोदी घबराए हुए हैं। कांग्रेस और विपक्ष ने मोदी और भाजपा की साजिशों का पर्दाफाश किया है। मोदी अचानक से महिलाओं के मसीहा बनना चाहते हैं, लेकिन असलियत यह है कि महिला आरक्षण उनके लिए मुद्दा नहीं है।
महिलाओं के अधिकारों की रक्षा
उन्होंने सवाल उठाया कि मोदी 543 सीटों पर महिलाओं को आरक्षण क्यों नहीं दे रहे हैं। क्या उन्हें डर है कि इससे संसद में पुरुषों की संख्या कम हो जाएगी? उन्होंने कहा कि पूरा विपक्ष मोदी से विधेयक लाने की मांग कर रहा है। सुप्रिया ने चेतावनी दी कि महिलाएं मोदी की चालबाजियों को समझ चुकी हैं।
महिला आरक्षण बिल का महत्व
महिला आरक्षण बिल को संविधान का हिस्सा बताया गया है, जिसे 2023 में सर्वसम्मति से पारित किया गया था। लेकिन मोदी सरकार ने इसमें शर्तें लगा दी हैं। सुप्रिया ने कहा कि मोदी को उन शर्तों को हटाकर महिलाओं को उनका हक देना चाहिए।
महिलाओं के अपमान पर मोदी की चुप्पी
जब भी देश में महिलाओं का अपमान हुआ, मोदी ने चुप्पी साधी।
सुप्रिया ने कहा कि मोदी ने कई मामलों में चुप्पी साधी है, जैसे मणिपुर में बेटियों का अपमान और अन्य घटनाएं। उन्होंने कहा कि मोदी को यह याद रखना चाहिए कि महिलाएं कभी भी अपने अपमान को नहीं भूलतीं।
लोकतंत्र के खिलाफ काम करने का परिणाम
सुप्रिया ने कहा कि मोदी को सदन में पहली बार हार का सामना करना पड़ा है, इसलिए वे बौखलाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि जब भी लोकतंत्र के खिलाफ काम किया जाएगा, विपक्ष ऐसे ही जवाब देगा।
महिला आरक्षण का इतिहास
सुप्रिया ने बताया कि जब राजीव गांधी ने महिला आरक्षण का बिल पेश किया था, तब भाजपा के नेताओं ने इसका विरोध किया था। यह कांग्रेस की उपलब्धि है कि उन्होंने पंचायतों में महिलाओं के लिए आरक्षण का रास्ता खोला।
जातिगत जनगणना का मुद्दा
सुप्रिया ने कहा कि मोदी जातिगत जनगणना कराने के लिए मजबूर हैं, लेकिन वे पिछड़ी जातियों की महिलाओं को आरक्षण नहीं देना चाहते। उन्होंने मोदी के पिछले बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी ने पहले जातिगत जनगणना का विरोध किया था।
