सुप्रीम कोर्ट का चुनाव आयोग के SIR पर ऐतिहासिक फैसला
सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय
लखनऊ। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के विशेष सघन पुनरीक्षण अभियान (SIR) को वैध ठहराते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया। इस फैसले के बाद भाजपा के नेताओं ने विपक्षी दलों पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अन्य नेताओं को जनता और चुनाव आयोग से माफी मांगनी चाहिए।
केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया को संवैधानिक मान्यता देता है। इससे उन लोगों को जवाब मिला है जो चुनाव आयोग पर सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी और तेजस्वी यादव जैसे नेताओं को जनता और चुनाव आयोग से माफी मांगने की सलाह दी।
इन नेताओं ने चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था को लगातार कटघरे में खड़ा करने का प्रयास किया है, जिससे न केवल आयोग की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है, बल्कि लोकतंत्र के प्रति जनता में भ्रम भी फैलाया है।
सुप्रीम कोर्ट का चुनाव आयोग की SIR की समूची प्रक्रिया को जायज व संवैधानिक ठहराना एक ऐतिहासिक फैसला है। इस फैसले से चुनाव आयोग पर उंगली उठाने वालों को करारा जवाब मिला है। श्री राहुल गांधी, श्री अखिलेश यादव, सुश्री ममता बनर्जी और श्री तेजस्वी यादव समेत बाकी विपक्षी नेताओं को जनता…
— Keshav Prasad Maurya (@kpmaurya1) May 27, 2026
उन्होंने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण स्वस्थ लोकतंत्र के लिए आवश्यक है। इसलिए विपक्ष को अपनी राजनीति से ऊपर उठकर लोकतंत्र और राष्ट्रहित का सम्मान करना चाहिए।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को चुनाव आयोग के अधिकारों पर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। अदालत ने बिहार सहित कई राज्यों में चल रहे वोटर लिस्ट के विशेष सघन पुनरीक्षण अभियान को पूरी तरह से वैध ठहराया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग को नागरिकता की जांच करने का अधिकार है, लेकिन यह अधिकार केवल वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने या हटाने तक सीमित रहेगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि किसी का नाम मतदाता सूची से हटा दिया जाता है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह व्यक्ति भारत का नागरिक नहीं है।
