Newzfatafatlogo

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: पश्चिम बंगाल में एसआईआर से कटे मतदाता नहीं डाल सकेंगे वोट

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में एसआईआर के दौरान कटे हुए मतदाताओं को वोट डालने की अनुमति नहीं दी है। कोर्ट ने कहा कि यदि इन मतदाताओं को वोट डालने की इजाजत दी गई, तो यह उन लोगों के अधिकारों का उल्लंघन होगा जिनके नाम एसआईआर लिस्ट में हैं। इस निर्णय के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं, जिनमें चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप की संभावना और मतदाता संख्या का चुनाव परिणाम पर प्रभाव शामिल है। जानें इस फैसले के सभी पहलुओं के बारे में।
 | 
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: पश्चिम बंगाल में एसआईआर से कटे मतदाता नहीं डाल सकेंगे वोट

सुप्रीम कोर्ट ने मतदान अधिकार पर लगाई रोक


सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में उन लाखों मतदाताओं को वोट डालने की अनुमति नहीं दी है, जिनके नाम एसआईआर प्रक्रिया के दौरान वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने स्पष्ट किया कि यदि हम इन मतदाताओं को मतदान की अनुमति देते हैं, तो उन लोगों के अधिकारों का उल्लंघन होगा जिनके नाम एसआईआर लिस्ट में शामिल हैं। कोर्ट ने कहा कि मतदान से 10 दिन पहले चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।


आपत्तियों के चलते चुनाव प्रक्रिया पर असर

सीजेआई ने यह भी कहा कि यदि एसआईआर प्रक्रिया पर लगातार आपत्तियां आती रहीं, तो चुनाव कैसे संपन्न होंगे। कलकत्ता हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि 11 अप्रैल तक 34 लाख से अधिक अपीलें दायर की जा चुकी हैं, जिन पर निर्णय आना बाकी है।


मतदाता संख्या का चुनाव परिणाम पर प्रभाव

सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि चुनाव परिणाम में हस्तक्षेप तभी किया जाएगा जब बड़ी संख्या में मतदाता बाहर किए गए हों और यह संख्या जीत के अंतर को प्रभावित करती हो। जस्टिस बागची ने आयोग से कहा कि यदि जीत का अंतर 2% है और 15% मतदाता वोट नहीं डाल सके, तो इस पर विचार करना आवश्यक होगा।


जांच प्रक्रिया में त्रुटियों की संभावना

जस्टिस बागची ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया में शामिल न्यायिक अधिकारियों से 100% सटीकता की उम्मीद नहीं की जा सकती, क्योंकि वे भारी दबाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब कोई अधिकारी प्रतिदिन 1000 से अधिक दस्तावेजों की जांच करता है, तो 70% सटीकता भी एक अच्छी उपलब्धि मानी जाएगी। इसलिए एक मजबूत अपीलीय तंत्र की आवश्यकता है।