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सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव: केंद्र ने दी मंजूरी

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिससे यह संख्या 33 से बढ़कर 37 हो जाएगी। यह विधेयक संसद के अगले सत्र में पेश किया जाएगा। जानें इस प्रस्ताव के पीछे की प्रक्रिया, पिछले बदलाव और सुप्रीम कोर्ट के जज बनने की योग्यता के बारे में।
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सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव: केंद्र ने दी मंजूरी

संसद में पेश होगा नया विधेयक


केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। यह विधेयक संसद के आगामी सत्र में पेश किया जाएगा। यदि यह प्रस्ताव पारित होता है, तो सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 33 से बढ़कर 37 हो जाएगी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस सहित 33 जज हैं, और सरकार इसमें चार नए जज जोड़ने की योजना बना रही है।


बिल लाने की प्रक्रिया

इस प्रस्ताव के लिए संसद के अगले सत्र में एक विधेयक लाया जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद, 1956 के कानून में संशोधन किया जाएगा। संविधान के अनुच्छेद 124(1) के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने का अधिकार संसद के पास है। नए कानून के लागू होने के बाद, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम नए जजों के नाम सरकार को भेजेगा।


पिछले बदलाव

सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या को पहले 2019 में 31 से बढ़ाकर 33 किया गया था। इससे पहले, 2008 में यह संख्या 26 से बढ़कर 31 हुई थी। प्रारंभ में, सुप्रीम कोर्ट में केवल 10 जजों की व्यवस्था थी, जिसमें चीफ जस्टिस शामिल थे।


खाली पद और रिटायरमेंट

वर्तमान में, सुप्रीम कोर्ट में दो पद खाली हैं। जस्टिस बी.आर. गवई नवंबर 2025 में और जस्टिस राजेश बिंदल अप्रैल 2026 में रिटायर होंगे। आने वाले महीनों में, तीन और जज रिटायर होंगे: जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस पंकज मित्तल जून 2026 में, जबकि जस्टिस संजय करोल अगस्त 2026 में सेवानिवृत्त होंगे।


सुप्रीम कोर्ट का जज बनने की योग्यता

संविधान के अनुच्छेद 124(3) के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट का जज वही बन सकता है जो भारतीय नागरिक हो। इसके लिए व्यक्ति को कम से कम पांच साल तक हाईकोर्ट में जज रहना या 10 साल तक वकील के रूप में कार्य करना आवश्यक है। इसके अलावा, किसी प्रतिष्ठित कानून विशेषज्ञ को भी सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया जा सकता है।