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सुवेंदु अधिकारी बने पश्चिम बंगाल के पहले भाजपा मुख्यमंत्री

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ गया है, जब सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। यह भाजपा की ऐतिहासिक जीत का प्रतीक है, जो राज्य में पहली बार दक्षिणपंथी सरकार का गठन कर रही है। सुवेंदु अधिकारी का राजनीतिक सफर तीन दशकों से अधिक पुराना है, जिसमें उन्होंने कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों का कार्यभार संभाला है। जानें उनके राजनीतिक सफर, परिवार और नंदीग्राम आंदोलन में उनकी भूमिका के बारे में।
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सुवेंदु अधिकारी बने पश्चिम बंगाल के पहले भाजपा मुख्यमंत्री

पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत

शनिवार को पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ गया, जब भारतीय जनता पार्टी ने पहली बार राज्य में सरकार बनाई। इस अवसर पर सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यह भव्य समारोह कोलकाता में आयोजित किया गया, जहां राज्यपाल आरएन रवि ने उन्हें और उनके साथ पांच अन्य मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।


मंत्रियों की सूची

सुवेंदु अधिकारी के साथ जिन नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली, उनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, क्षुदिराम टुडू और निसिथ प्रमाणिक शामिल हैं। भाजपा की इस जीत के साथ राज्य में पहली बार किसी दक्षिणपंथी दल की सरकार बनी है।


भाजपा विधायक दल की बैठक

8 मई को भाजपा विधायक दल ने सर्वसम्मति से सुवेंदु अधिकारी को अपना नेता चुना, जिसके बाद उनका मुख्यमंत्री बनना तय हो गया। भाजपा ने विधानसभा चुनाव में शानदार जीत हासिल की और राज्य की सत्ता पर कब्जा जमाया।


सुवेंदु अधिकारी का राजनीतिक सफर

सुवेंदु अधिकारी का राजनीतिक करियर तीन दशकों से अधिक पुराना है। उन्होंने 1995 में कांथी नगरपालिका से पार्षद के रूप में राजनीति में कदम रखा। इसके बाद वे तीन बार पार्षद रहे और कांथी नगरपालिका के चेयरमैन भी बने। उनके पास 20 साल से अधिक का विधायी अनुभव है।


महत्वपूर्ण मंत्रालयों का कार्यभार

राज्य सरकार में रहते हुए, उन्होंने परिवहन और सिंचाई जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों का कार्यभार संभाला। इसके अलावा, वे हुगली रिवर ब्रिज कमीशन के चेयरमैन भी रहे और हल्दिया डेवलपमेंट अथॉरिटी के अध्यक्ष के रूप में औद्योगिक शहर हल्दिया के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


स्वतंत्रता आंदोलन से संबंध

सुवेंदु अधिकारी का परिवार स्वतंत्रता आंदोलन से भी जुड़ा रहा है। कांथी के प्रसिद्ध अधिकारी परिवार के सदस्य बिपिन अधिकारी और केनाराम अधिकारी कई स्वतंत्रता सेनानियों के करीबी सहयोगी थे।


शिक्षा और व्यक्तिगत जीवन

15 दिसंबर 1970 को पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के करकुली गांव में जन्मे सुवेंदु अधिकारी ने रवींद्र भारती विश्वविद्यालय से एम.ए. की डिग्री प्राप्त की है। वे पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री शिशिर अधिकारी के पुत्र हैं और वर्तमान में अविवाहित हैं।


नंदीग्राम आंदोलन में भूमिका

सुवेंदु अधिकारी 2007 के नंदीग्राम आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक रहे, जिसने 34 साल पुराने वाम मोर्चा शासन को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस में रहे और 2020 तक ममता बनर्जी सरकार में मंत्री भी थे।


भाजपा में शामिल होना

दिसंबर 2020 में, उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में भाजपा का दामन थाम लिया। उन्हें 'जायंट किलर' भी कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने 2021 में नंदीग्राम और 2026 में भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को हराकर बड़ी राजनीतिक जीत हासिल की।