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सुवेंदु अधिकारी बने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री, पीएम मोदी की उपस्थिति में ली शपथ

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हुआ है जब सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। पीएम मोदी की उपस्थिति में हुए इस समारोह में, सुवेंदु ने राज्य के विकास के लिए 'डबल इंजन' की बात की। उन्होंने कहा कि यह क्षण बंगाल के लिए गर्व और उत्साह का है, और उनकी सरकार सामूहिक नेतृत्व के सिद्धांत पर काम करेगी। जानें इस ऐतिहासिक पल के बारे में और क्या बदलाव लाएगा यह नया नेतृत्व।
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सुवेंदु अधिकारी बने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री, पीएम मोदी की उपस्थिति में ली शपथ

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बदलाव

नई दिल्ली - लंबे समय तक चले राजनीतिक संघर्ष और चुनावी मुकाबले के बाद, पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में, बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उन्हें बंगाल के राज्यपाल ने शपथ दिलाई। सुवेंदु ने भवानीपुर में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराया था। प्रोटोकॉल के अनुसार, ममता बनर्जी को भी शपथ ग्रहण समारोह का निमंत्रण भेजा गया था।


सुवेंदु के साथ-साथ पांच अन्य नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ग्रहण की। इनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडु और निसिथ प्रमाणिक शामिल हैं। इस शपथ समारोह में पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, NDA शासित राज्यों के सीएम समेत कई प्रमुख नेता उपस्थित रहे। सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के 9वें और बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री बने हैं।


इस अवसर पर, सुवेंदु ने कहा कि अब केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकार होने से बंगाल में 'डबल इंजन' विकास का मार्ग प्रशस्त होगा और 'सोनार बांग्ला' का सपना साकार होगा। सोशल मीडिया पर अपने संदेश में, उन्होंने कहा कि यह पश्चिम बंगाल के लिए गर्व और उत्साह का ऐतिहासिक क्षण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'सिटी ऑफ जॉय' (खुशियों का शहर) में स्वागत करना हमारे लिए गर्व का विषय है। आजादी के बाद पहली बार बंगाल में भाजपा सरकार का गठन हो रहा है, जो संस्थापक नेताओं के सपनों को पूरा करने जैसा है। उन्होंने कहा कि आज दशकों के कथित कुशासन का अंत हो रहा है और विकास, शांति और समृद्धि के नए युग की शुरुआत हो रही है। सुवेंदु अधिकारी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि उनकी सरकार 'सामूहिक नेतृत्व' के आधार पर चलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य को केवल 'मैं' नहीं, बल्कि 'हम' मिलकर चलाएंगे। साथ ही, केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल के जरिए बंगाल के विकास को नई गति दी जाएगी।