सोहा अली खान ने पिता मंसूर अली खान पटौदी को याद किया
मंसूर अली खान पटौदी की विरासत
क्रिकेट और बॉलीवुड की दुनिया में कुछ परिवार ऐसे हैं, जिन्होंने अपनी प्रतिभा और पहचान से एक अलग छाप छोड़ी है। इनमें से एक नाम मंसूर अली खान पटौदी का है, जिनकी विरासत आज भी चर्चा का विषय बनी हुई है। उनकी बेटी सोहा अली खान ने फिल्मों के माध्यम से अपनी एक अलग पहचान बनाई, जबकि मंसूर अली खान भारतीय क्रिकेट के महान खिलाड़ियों में से एक माने जाते हैं। वह न केवल एक उत्कृष्ट क्रिकेटर थे, बल्कि भारत की राष्ट्रीय टीम के कप्तान भी रहे।
सोहा का ईडन गार्डन्स दौरा
अपने पिता के जन्मदिन पर, सोहा अली खान ने कोलकाता के प्रसिद्ध ईडन गार्डन्स स्टेडियम का दौरा किया। इस दौरे की वीडियो उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर साझा की।
सोहा ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह स्टेडियम में घूमती हुई नजर आ रही हैं। उन्होंने अपने पिता के 1974 के टेस्ट मैच की कुछ पुरानी झलकियां भी साझा की, जिसमें भारत ने वेस्ट इंडीज के खिलाफ जीत हासिल की थी। यह जीत उनके पिता की कप्तानी का एक यादगार उदाहरण बनी।
पिता की यादों को साझा करते हुए
वीडियो के साथ सोहा ने लिखा, "मैं उस मैदान पर खड़ी होना चाहती थी, जहां मेरे पिता ने खेला और कई बार भारत का नेतृत्व किया। भले ही स्टेडियम उस समय खाली था, लेकिन मेरे पिता की याद हमेशा यहां जिंदा रहती है। 1974 का वह टेस्ट मैच आज भी भारतीय क्रिकेट इतिहास का सबसे यादगार मैच माना जाता है।"
उन्होंने आगे लिखा, "इस मैच में एंडी रॉबर्ट्स की एक गेंद से उनके चेहरे पर चोट लगी थी, उनके मुंह की हड्डी टूट गई, फिर भी उन्होंने मैदान नहीं छोड़ा और टीम का नेतृत्व करते हुए भारत को 85 रन से जीत दिलाई। उनके साहस और लगन की मिसाल आज भी क्रिकेट प्रेमियों के लिए प्रेरणा बनी हुई है।"
पिता को जन्मदिन की शुभकामनाएं
सोहा ने अपने पिता को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए लिखा, "स्टेडियम में मेरे पिता की याद हमेशा जिंदा रहेगी। मेरे लिए वह हमेशा एक महान क्रिकेटर रहेंगे।"
मंसूर अली खान पटौदी ने 27 दिसंबर 1968 को प्रसिद्ध अभिनेत्री शर्मिला टैगोर से विवाह किया था। इस शादी से उनके तीन बच्चे हुए, जिनमें बेटा सैफ अली खान और बेटियां सोहा और सबा शामिल हैं। सैफ और सोहा बॉलीवुड इंडस्ट्री में सक्रिय हैं, जबकि उनकी छोटी बहन सबा ज्वेलरी डिजाइनिंग में करियर बना रही हैं।
