स्पेन ने अमेरिका के सैन्य विमानों के लिए हवाई क्षेत्र किया बंद
स्पेन का कड़ा कदम
मैड्रिड: ईरान के खिलाफ चल रहे संघर्ष में अमेरिका को एक महत्वपूर्ण झटका लगा है, जब स्पेन ने अमेरिकी सैन्य विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को पूरी तरह से बंद करने का निर्णय लिया। स्पेन की रक्षा मंत्री मार्गरिटा रोब्लेस ने सोमवार को स्पष्ट किया कि अमेरिकी सेना को पहले ही सूचित कर दिया गया था कि मध्य पूर्व के इस युद्ध में स्पेन के सैन्य ठिकानों का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। अब यह प्रतिबंध हवाई क्षेत्र पर भी लागू हो गया है। इससे पहले, स्पेन ने अमेरिका को अपने रोता और मोरॉन सैन्य ठिकानों के उपयोग से भी मना कर दिया था।
स्पेन की स्पष्ट स्थिति
यूरोप में सबसे मुखर आलोचक
मध्य पूर्व में अमेरिका और इजरायल की नीतियों की सबसे कड़ी आलोचना करने वाला यूरोपीय देश स्पेन बनकर उभरा है। रक्षा मंत्री रोब्लेस ने कहा कि यह निर्णय अमेरिकी सैन्य बलों को पहले ही सूचित किया गया था, इसलिए उन्हें स्पेनिश ठिकानों और हवाई क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति नहीं है। स्पेन ने इस युद्ध को अवैध और अन्यायपूर्ण करार दिया है, और सरकार का मानना है कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन है।
अमेरिकी विमानों की मजबूरी
स्पेन से खदेड़े गए विमान
स्पेन के इस सख्त रुख के बाद अमेरिका को अपने कदम पीछे खींचने पड़े हैं। स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुएल अल्बारेस ने कहा कि स्पेनिश ठिकानों का उपयोग केवल उन गतिविधियों के लिए किया जा सकता है जो द्विपक्षीय समझौते और संयुक्त राष्ट्र के दायरे में आती हैं। इस निर्णय के बाद, अमेरिका केसी-135 टैंकर विमानों समेत लगभग 15 सैन्य विमानों को स्पेन के दक्षिणी ठिकानों से जर्मनी और अन्य स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। ये विमान ईरान पर हमलों के लिए बीच हवा में ईंधन भरने का कार्य कर रहे थे। स्पेन की इस कार्रवाई ने नाटो सहयोगी अमेरिका के साथ तनाव बढ़ा दिया है।
ट्रंप की धमकी और स्पेन का दृढ़ रुख
व्यापार प्रतिबंधों की चेतावनी
इस भू-राजनीतिक घटनाक्रम के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पेन सरकार को व्यापार प्रतिबंधों की धमकी दी है, लेकिन स्पेन अपनी स्थिति पर अडिग है। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने इस युद्ध को अनुचित और दुनिया के लिए खतरनाक बताया है। उन्होंने कहा कि स्पेन इस संघर्ष का साझेदार नहीं बनेगा। स्पेन की यह कार्रवाई अमेरिका की ईरान नीति के खिलाफ एक स्पष्ट विरोध के रूप में देखी जा रही है। सरकार का स्पष्ट रुख है कि सभी सैन्य ठिकाने स्पेनिश संप्रभुता के अधीन हैं और उनका उपयोग केवल अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में किया जा सकता है।
