स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने राघव चड्ढा को बताया 'देश का एसेट'
राघव चड्ढा के समर्थन में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
डिजिटल डेस्क। आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा के विवाद में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपनी राय व्यक्त की है। एक पॉडकास्ट में उन्होंने चड्ढा को 'देश का एसेट' कहा। शंकराचार्य ने बताया कि राघव चड्ढा ने संसद में आम जनता के मुद्दों को उठाकर अपनी एक अलग पहचान बनाई है, जिससे उनकी छवि एक गंभीर और तथ्यात्मक नेता के रूप में उभरी है। राघव ने इस पॉडकास्ट के कुछ अंश सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा, 'आपके श्रीचरणों में सादर प्रणाम।'
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी अपने निर्णयों से खुद को नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने बताया कि राजनीतिक दलों के अपने तरीके होते हैं, लेकिन जब कोई नेता जनता के बीच मजबूत पकड़ बना लेता है, तो उसे किनारे करना पार्टी के लिए हानिकारक हो सकता है। उनके अनुसार, राघव चड्ढा का राजनीतिक कद अब केवल पार्टी के कारण नहीं, बल्कि उनके कार्यों और जनता के बीच बनी विश्वसनीयता के कारण बढ़ा है।
राघव चड्ढा की आवाज को मजबूती से उठाने की सराहना
शंकराचार्य ने यह भी कहा कि राघव चड्ढा का बढ़ता कद पार्टी नेतृत्व के लिए चुनौती बन सकता है। उन्होंने कहा कि कई बार राजनीतिक दल ऐसे निर्णय लेते हैं जो संगठनात्मक दृष्टि से सही होते हैं, लेकिन जनभावना पर उनका अलग असर पड़ता है। हाल ही में राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटाने का निर्णय भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है।
स्वामी ने राघव चड्ढा के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने संसद में आम आदमी की आवाज को मजबूती से उठाया है, जिससे लोगों में उनके प्रति उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा कि यह उम्मीद आसानी से खत्म नहीं होगी, क्योंकि जनता उस नेता को पहचान चुकी है जो उनकी बात कहता है। यदि किसी मंच पर उन्हें रोका भी जाए, तो जनता उन्हें किसी अन्य मंच से अपनी आवाज उठाने के लिए आगे बढ़ाएगी।
राघव चड्ढा की स्वतंत्र पहचान
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि राघव चड्ढा अब केवल एक पार्टी के नेता नहीं रह गए हैं, बल्कि उन्होंने एक स्वतंत्र पहचान बना ली है। उनकी छवि एक ऐसे नेता की है जो सौम्य, मृदुभाषी और तथ्यों के साथ अपनी बात रखने वाला है। ऐसे नेताओं की संख्या देश में बहुत कम है, इसलिए उन्होंने राघव को देश का 'एसेट' बताया और कहा कि उनका भविष्य उज्ज्वल है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और राघव चड्ढा के बीच पहले भी संपर्क रहा है। अक्टूबर 2024 में शंकराचार्य, राघव चड्ढा और उनकी पत्नी के दिल्ली स्थित आवास पर विशेष निमंत्रण पर पहुंचे थे, जहां पादुका पूजन और आशीर्वाद कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस मुलाकात को अब इस विवाद के संदर्भ में देखा जा रहा है। इस बयान के बाद राघव चड्ढा और आम आदमी पार्टी के बीच चल रहे विवाद ने एक नया मोड़ ले लिया है और राजनीतिक हलकों में इस पर चर्चा और तेज हो गई है।
