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हरियाणा कांग्रेस के 5 विधायकों का निलंबन: क्रॉस वोटिंग का मामला

हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग के आरोप में कांग्रेस ने पांच विधायकों को निलंबित कर दिया है। इस निर्णय के पीछे पार्टी के अनुशासन का उल्लंघन और संगठनात्मक मर्यादाओं का ध्यान रखा गया है। निलंबित विधायकों ने आरोपों का खंडन किया है, जबकि पार्टी ने स्पष्ट किया है कि अनुशासन सर्वोपरि है। जानें इस विवाद के सभी पहलुओं के बारे में।
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हरियाणा कांग्रेस के 5 विधायकों का निलंबन: क्रॉस वोटिंग का मामला

राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग का मामला


हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग के आरोप में कांग्रेस ने पांच विधायकों को पार्टी से निलंबित कर दिया है। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने बताया कि यह निर्णय अनुशासन के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए लिया गया। निलंबित विधायकों में शैली चौधरी, रेणु बाला, सरदार जरनैल सिंह, मोहम्मद इलियास और मोहम्मद इजराइल शामिल हैं।


राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि इन विधायकों ने हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ मतदान किया, जो कि संगठनात्मक मर्यादाओं के खिलाफ है। यह कार्रवाई प्रदेश अनुशासन समिति की सिफारिश और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की स्वीकृति के बाद की गई।


उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है और किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह निर्णय सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि पार्टी के सामूहिक निर्णयों का उल्लंघन करने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।


कांग्रेस ने पहले इन विधायकों को क्रॉस वोटिंग के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया था। विधायकों की प्रतिक्रियाओं की जांच के बाद अनुशासन समिति ने उन्हें निलंबित करने की सिफारिश की।


राज्यसभा सीटों के लिए मतदान


हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए मतदान 16 मार्च को हुआ था। भाजपा के संजय भाटिया ने एक सीट जीती, जबकि कांग्रेस के करमवीर सिंह बौध ने निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के खिलाफ कड़ा मुकाबला किया। पांच विधायकों की क्रॉस वोटिंग ने पार्टी की जीत को चुनौती दी।


विधायकों का खंडन


शैली चौधरी, रेनू बाला और जरनैल सिंह ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि उन्हें अनावश्यक रूप से विवाद में घसीटा जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने पार्टी के उम्मीदवार के लिए वोट दिया था। अनुशासन समिति के अध्यक्ष धर्मपाल मलिक ने कहा कि उन्होंने स्थिति स्पष्ट कर दी थी और सभी परिस्थितियों का विवरण दिया।