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हरियाणा में शिक्षा और प्रशासन में सुधार के लिए मुख्यमंत्री का नया कदम

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में शिक्षा और प्रशासन में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत नए पोर्टल का उद्घाटन किया और शोध कार्यों के लिए बजट में प्रावधान की घोषणा की। सैनी ने बताया कि ये पहल हरियाणा को देश का ग्रोथ इंजन बनाने में मदद करेंगी। इसके अलावा, उन्होंने सरकारी योजनाओं के प्रभाव और किसानों को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी बात की। जानें इस कार्यक्रम के बारे में और क्या कुछ नया है।
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हरियाणा में शिक्षा और प्रशासन में सुधार के लिए मुख्यमंत्री का नया कदम

मुख्यमंत्री का बयान

चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में देश में महत्वपूर्ण और सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं। उन्होंने बताया कि जनकल्याणकारी नीतियों के प्रभावी कार्यान्वयन से जनता में यह विश्वास बना है कि सरकार उनके साथ है, जो सच्चे सुशासन का संकेत है। सैनी ने यह बात पंचकूला में आयोजित एक कार्यक्रम में कही। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत राष्ट्रीय शिक्षा मूल्यांकन और सत्यापन (नीव) पोर्टल का उद्घाटन किया। इसके साथ ही 'ज्ञान सेतु' पहल के अंतर्गत स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट और विभिन्न विश्वविद्यालयों के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।


शिक्षा में नया मील का पत्थर

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन हरियाणा के शिक्षा इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं है, बल्कि युवाओं को कौशलयुक्त और आत्मनिर्भर बनाना है। हरियाणा को देश का ग्रोथ इंजन बनाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने बताया कि राज्य के बजट में पहली बार शोध कार्यों के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे विश्वविद्यालयों को जलभराव, पर्यावरण और विकास से जुड़े मुद्दों पर शोध के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।


सरकारी योजनाओं का प्रभाव

सैनी ने कहा कि 2014 के बाद आयुष्मान भारत, हर घर नल से जल, उज्ज्वला योजना और 'म्हारा गांव-जगमग गांव' जैसी योजनाओं ने देश और प्रदेश की तस्वीर को बदल दिया है। उन्होंने बताया कि भारत अब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। हाल ही में लॉन्च किए गए एआई प्री-बजट फीडबैक पोर्टल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह बजट जनता की भागीदारी से तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही किसानों को फसल विविधीकरण और आधुनिक हॉर्टिकल्चर की ओर प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया।