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हरियाणा में स्मार्ट सिटी मिशन की समीक्षा: करनाल और फरीदाबाद के प्रोजेक्ट्स का विस्तार

हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने चंडीगढ़ में स्मार्ट सिटी मिशन की समीक्षा की। करनाल और फरीदाबाद के प्रोजेक्ट्स की समय सीमा को 31 मार्च 2027 तक बढ़ा दिया गया है। फरीदाबाद में 916 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, जिसमें 32 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। वहीं, करनाल में 86 योजनाएं सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी हैं। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
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हरियाणा में स्मार्ट सिटी मिशन की समीक्षा: करनाल और फरीदाबाद के प्रोजेक्ट्स का विस्तार

स्मार्ट सिटी मिशन की समीक्षा बैठक

चंडीगढ़, 14 मई। हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने चंडीगढ़ में आयोजित राज्य स्तरीय उच्चाधिकार प्राप्त संचालन समिति की बैठक में स्मार्ट सिटी मिशन की प्रगति की समीक्षा की। सरकार ने करनाल और फरीदाबाद स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की समय सीमा को 31 मार्च 2027 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह कदम उन परियोजनाओं को अंतिम रूप देने के लिए उठाया गया है जो पूर्णता के करीब हैं। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि शहर की आधुनिक बुनियादी सुविधाओं का लाभ आम जनता को मिले।


फरीदाबाद में 916 करोड़ का निवेश

बैठक में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के सचिव अशोक कुमार मीणा ने फरीदाबाद की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने अब तक 916.83 करोड़ रुपये की लागत से 46 विकास कार्यों की शुरुआत की है। इनमें से 32 परियोजनाएं सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी हैं, जबकि शेष पर कार्य जारी है। अधिकारियों ने बताया कि 23 प्रोजेक्ट्स को पहले ही संबंधित सरकारी एजेंसियों को सौंपा जा चुका है।


करनाल में 86 योजनाएं पूरी

करनाल स्मार्ट सिटी के तहत विकास की गति फरीदाबाद की तुलना में अधिक तेज है। यहां प्रशासन ने लगभग 930 करोड़ रुपये के बजट से 122 विभिन्न परियोजनाओं की शुरुआत की थी। वर्तमान रिपोर्ट के अनुसार, 86 प्रोजेक्ट्स का कार्य 100 प्रतिशत पूरा हो चुका है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि तकनीक आधारित सुविधाओं का विकास इस प्रकार किया जाए कि आम नागरिक का जीवन स्तर बेहतर हो सके।


मुख्य सचिव की सख्त हिदायतें

स्मार्ट सिटी मिशन के लिए फंडिंग का मॉडल स्पष्ट है, जिसमें केंद्र और हरियाणा सरकार की 50:50 की हिस्सेदारी है। दोनों शहरों के लिए 980-980 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया था। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने स्पष्ट किया है कि अब किसी भी प्रोजेक्ट में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर न केवल निर्माण कार्य पूरा किया जाए, बल्कि सार्वजनिक संपत्तियों का प्रभावी उपयोग भी सुनिश्चित किया जाए।