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हरियाणा राज्यसभा चुनाव: भाजपा और कांग्रेस ने जीती एक-एक सीट, विवादों के बीच परिणाम घोषित

हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए मतदान के बाद भाजपा और कांग्रेस ने एक-एक सीट पर जीत हासिल की। मतगणना के दौरान कई घंटों तक विवाद और आरोप-प्रत्यारोप चलते रहे, जिससे चुनावी माहौल में हलचल बढ़ गई। मतदान प्रक्रिया में भी कई मुद्दे सामने आए, जिसमें वोटों की गोपनीयता का उल्लंघन शामिल था। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने इसे कांग्रेस के लिए कठिन परीक्षा बताया, जबकि भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए गए। जानें इस चुनावी ड्रामे के सभी पहलू।
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हरियाणा राज्यसभा चुनाव: भाजपा और कांग्रेस ने जीती एक-एक सीट, विवादों के बीच परिणाम घोषित

राज्यसभा चुनाव के बाद सियासी हलचल


नई दिल्ली: हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए मतदान के बाद राजनीतिक माहौल में हलचल तेज हो गई है। मतगणना के दौरान कई घंटों तक चले विवाद और आरोप-प्रत्यारोप के बीच परिणाम देर रात घोषित किए गए। अंततः भाजपा और कांग्रेस ने एक-एक सीट पर जीत हासिल की।


मतगणना में विवाद और बाधा

चुनाव प्रक्रिया के दौरान वोटों की वैधता को लेकर दोनों दलों के बीच विवाद उत्पन्न हुआ, जिसके कारण मतगणना लगभग साढ़े पांच घंटे तक रुकी रही। इस घटनाक्रम ने चुनाव को एक हाईवोल्टेज ड्रामा में बदल दिया, और परिणामों का इंतजार देर रात तक खिंचता रहा।


भाजपा और कांग्रेस के विजेता

मतगणना के बाद भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध को विजेता घोषित किया गया, जबकि निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को हार का सामना करना पड़ा। संजय भाटिया को 31, कर्मवीर बौद्ध को 28 और सतीश नांदल को 27 वोट मिले। कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध ने एक वोट के अंतर से जीत हासिल की।


मतगणना में देरी

मतगणना शाम 5 बजे शुरू होने वाली थी, लेकिन विवाद के कारण यह प्रक्रिया लगभग साढ़े पांच घंटे तक बाधित रही। रात साढ़े 10 बजे गिनती फिर से शुरू हुई और अंततः रात 1 बजकर 10 मिनट पर परिणाम घोषित किए गए।


इस दौरान कांग्रेस विधायक परमवीर सिंह का वोट रद्द कर दिया गया, जिससे चुनावी समीकरण प्रभावित हुए।


मतदान की प्रक्रिया

राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान सुबह 9 बजे शुरू होकर शाम 4 बजे तक चला। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सबसे पहले वोट डाला, जबकि विधानसभा अध्यक्ष हरविंद कल्याण ने अंत में मतदान किया। 90 सदस्यीय विधानसभा में कुल 88 विधायकों ने अपने मताधिकार का उपयोग किया, जबकि इनैलो के अर्जुन चौटाला और आदित्य देवीलाल ने मतदान नहीं किया।


88 वोट पड़ने के बाद जीत के लिए आवश्यक कोटा 30 तय किया गया।


वोट की गोपनीयता पर विवाद

मतदान के बाद भाजपा ने कांग्रेस के दो विधायकों - भरत सिंह बेनीवाल और परमवीर सिंह के वोट की गोपनीयता भंग होने की शिकायत चुनाव आयोग से की। वहीं, कांग्रेस ने मंत्री अनिल विज के वोट की गोपनीयता पर सवाल उठाए।


दोनों पक्षों की शिकायतों को चुनाव अधिकारी ने आयोग के पास भेजा। देर रात इन मामलों का निपटारा हुआ, जिसमें परमवीर सिंह का वोट रद्द कर दिया गया, जबकि अनिल विज का वोट वैध माना गया। इसके बाद ही मतगणना शुरू हो सकी।


कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग का असर

हालांकि कांग्रेस उम्मीदवार ने जीत दर्ज की, लेकिन पार्टी के भीतर क्रॉस वोटिंग ने उसकी साख को प्रभावित किया। बताया गया कि कांग्रेस के पांच विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, जबकि चार वोट अमान्य पाए गए।


भूपेंद्र हुड्डा की प्रतिक्रिया

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने चुनाव को कांग्रेस के लिए कठिन परीक्षा बताया। उन्होंने कहा, "कांग्रेस के सामने यह चुनाव एक बेहद बड़ी चुनौती थी और पार्टी के भीतर दो विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है।"


हुड्डा ने यह भी कहा, "जिन लोगों ने ऐन मौके पर पार्टी के साथ धोखा किया है, हरियाणा की जनता उनसे इसका बदला जरूर लेगी।"


भाजपा पर गंभीर आरोप

हरियाणा कांग्रेस प्रभारी बी.के. हरिप्रसाद ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, "मोदी और अमित शाह कितने प्रयास कर लें, लेकिन जनता सबक सिखाएगी।"


उन्होंने आरोप लगाया, "गुजरात के डिप्टी सीएम ने यहां विधायक खरीदने का प्रयास किया।"


कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने भी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, "बीजेपी द्वारा हर अनैतिक हथकंडा अपनाया गया।"