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हरियाणा विधानसभा बजट सत्र: किसानों के लिए नई योजना की घोषणा

हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान, सरकार ने किसानों के लिए मुख्यमंत्री खेत-खलिहान योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत खेतों तक जाने वाले गौहर मार्गों को पक्का किया जाएगा, जिससे किसानों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी। सदन में विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच कई मुद्दों पर बहस हुई, जिसमें बुढ़ापा पेंशन और अन्य विकास कार्य शामिल थे। जानें इस योजना के बारे में और क्या है इसके पीछे की सोच।
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हरियाणा विधानसभा बजट सत्र: किसानों के लिए नई योजना की घोषणा

हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र

चंडीगढ़ में हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन से पहले, तीसरे दिन सदन में पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस हुई। बुढ़ापा पेंशन, गुरु रविदास मंदिर और स्विमिंग पूल के निर्माण की मांग पर चर्चा हुई। इसी दौरान, प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की, जिसमें मुख्यमंत्री खेत-खलिहान योजना के तहत खेतों तक जाने वाले गौहर मार्गों को पक्का करने की जानकारी दी गई।


सदन में राजनीतिक गतिविधियाँ

तीसरे दिन सदन में विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच नोकझोंक का माहौल बना रहा। विधानसभा के बाहर कांग्रेस पार्टी द्वारा किए गए प्रदर्शन पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और इंडियन नेशनल लोकदल ने सवाल उठाए।


बीजेपी के नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी को पंजाब विधानसभा परिसर के रास्ते हरियाणा विधानसभा परिसर में पहुंचना पड़ा। इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई और विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की।


किसानों के लिए मुख्यमंत्री खेत-खलिहान योजना

विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने सदन में बताया कि प्रदेश सरकार किसानों की सुविधा और ग्रामीण ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री खेत-खलिहान योजना के अंतर्गत खेतों के एक से चार करम तक के गौहर यानी खेती मार्गों को पक्का करने की पहल शुरू की गई है।


मंत्री के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य किसानों को खेतों तक सुगम और सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराना है। कच्चे रास्तों के कारण होने वाली दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इसे प्राथमिकता दी है।


प्रत्येक विधायक को 25 किलोमीटर तक का अधिकार

कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि योजना के तहत प्रत्येक विधायक को अपने विधानसभा क्षेत्र में 25 किलोमीटर तक गौहर मार्गों को पक्का करवाने का अधिकार दिया गया है। इससे स्थानीय स्तर पर जरूरत के अनुसार मार्गों का चयन किया जा सकेगा।


सरकार का मानना है कि जनप्रतिनिधियों को यह अधिकार देने से कार्य में तेजी आएगी और किसानों को सीधे लाभ मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों तक पहुंचने वाले रास्तों का सुदृढ़ होना कृषि गतिविधियों को गति देगा।


बारिश में भी आसान रहेगा आवागमन

सरकार के इस फैसले से किसानों को बड़े स्तर पर फायदा मिलने की उम्मीद है। साइकिल, मोटरसाइकिल, ट्रैक्टर या अन्य वाहनों से खेतों तक पहुंचना आसान होगा और फसल को ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिए मंडी तक ले जाना सुरक्षित बनेगा।


बारिश के मौसम में कच्चे रास्तों पर कीचड़ और फिसलन से होने वाली परेशानी भी कम होगी। पक्के गौहर मार्ग बनने से सालभर खेतों तक सुचारु और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सकेगी।