हरियाणा विधानसभा बजट सत्र में दादा गौतम के बयान से हंगामा
हरियाणा विधानसभा बजट सत्र का चौथा दिन
चंडीगढ़: हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन, सोमवार को, राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान बीजेपी विधायक रामकुमार दादा गौतम के बोलने पर हंगामा खड़ा हो गया। उनके तीखे बोल ने सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को असहज कर दिया, जिसके कारण स्पीकर को कुछ टिप्पणियों को कार्यवाही से हटाना पड़ा।
दादा गौतम की विवादास्पद टिप्पणी
दादा गौतम ने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि जब योगी आदित्यनाथ ने वहां की कमान संभाली थी, तब लोग वहां जाने से डरते थे। अब उन्होंने हरियाणा में भी उसी तरह की सख्ती अपनाने की बात की और कहा कि पैर में गोली मारने के बजाय सीने में गोली मारनी चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से हर साल सीईटी कराने की मांग भी की।
ओपी सिंह के कार्यकाल की सराहना
बीजेपी विधायक ने हरियाणा के पूर्व डीजीपी ओपी सिंह के कार्यकाल की प्रशंसा की और कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से उनके कार्यकाल को बढ़ाने की सिफारिश की थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने नए डीजीपी के कार्य का इंतजार करते हुए प्रदेश में कानून व्यवस्था के लिए 'योगी मॉडल' लागू करने की आवश्यकता बताई।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर हमला
दादा गौतम ने नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर सीधा हमला करते हुए वोट चोरी का मुद्दा उठाया। इस पर कांग्रेस विधायक अपनी सीटों से उठकर वेल तक पहुंच गए और जोरदार नारेबाजी की। स्पीकर ने उन्हें तुरंत अपनी सीटों पर लौटने का निर्देश दिया, जबकि मुख्यमंत्री सैनी ने विपक्ष से राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान वॉकआउट न करने की अपील की।
मनोहर लाल खट्टर की तारीफ
हालांकि, दादा गौतम ने बाद में कहा कि वह यह नहीं कहते कि भूपेंद्र हुड्डा ने काम नहीं किए। उन्होंने उन्हें 'बहुत प्यारा आदमी' बताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के कार्यकाल की भी प्रशंसा की। गौतम ने कहा कि खट्टर सरकार ने पहली बार मेरिट के आधार पर नौकरियां दीं और अवैध कॉलोनियों को वैध करने का बड़ा काम किया।
