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हरियाणा सरकार का 2026-27 का बजट: AI ट्रेनिंग और कृषि में नई योजनाएं

हरियाणा सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 2,23,658.17 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है, जिसमें 1 लाख युवाओं को AI ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, किसानों के लिए नई राहत योजनाएं और कृषि में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। इस बजट का उद्देश्य प्रदेश के विकास को गति देना और रोजगार के अवसर बढ़ाना है। जानें इस बजट में और क्या खास है।
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हरियाणा सरकार का 2026-27 का बजट: AI ट्रेनिंग और कृषि में नई योजनाएं

हरियाणा का वार्षिक बजट 2026-27

चंडीगढ़ (हरियाणा बजट 2026)। हरियाणा सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 2,23,658.17 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री नायब सैनी ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए बताया कि यह पिछले वर्ष की तुलना में 10.28% अधिक है। उन्होंने 1 लाख युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ट्रेनिंग देकर रोजगार उपलब्ध कराने का वादा किया और यह भी कहा कि इस बार 98% बजट खर्च किया गया है, जो अब तक का सबसे अधिक है।


राजकोषीय स्थिति में सुधार

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि 2014 से 2024 के बीच राजकोषीय घाटा 2.75% बढ़ा है, जबकि पिछली सरकार के कार्यकाल में यह 44% तक बढ़ गया था। सरकारी उपक्रमों के घाटे में भी तीन गुना कमी आई है। हांसी को एक आधुनिक जिले के रूप में विकसित करने की योजना भी बजट में शामिल है।


AI ट्रेनिंग और रोजगार पर ध्यान

सरकार ने 1 लाख युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा है। इस ट्रेनिंग के बाद उन्हें रोजगार से जोड़ने की योजना है।


इस पहल का प्रभाव प्रदेश के कॉलेजों और तकनीकी संस्थानों पर पड़ेगा। आईटी और स्टार्टअप क्षेत्र में अवसर बढ़ने की संभावना है, जिससे गुरुग्राम, फरीदाबाद और पंचकूला जैसे शहरी क्षेत्रों को लाभ होगा।


किसानों के लिए राहत योजनाएं

देशी कपास की खेती पर प्रोत्साहन राशि को 3 हजार से बढ़ाकर 4 हजार रुपये प्रति एकड़ किया गया है। धान छोड़कर दालें, तिलहन और कपास उगाने पर प्रति एकड़ 2 हजार रुपये अतिरिक्त बोनस मिलेगा।


मुख्यमंत्री ने बागवानी बीमा योजना के तहत फलों पर मुआवजा 50 हजार और सब्जियों व मसालों पर 40 हजार रुपये प्रति एकड़ करने की घोषणा की है। गन्ने की एकल आंख विधि और चौड़ी कतारों में रोपण पर प्रोत्साहन राशि 5 हजार रुपये कर दी गई है।


नई परियोजनाएं और मंडियों में विशेष व्यवस्था

पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, सोनीपत, रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, चरखी दादरी और नारनौल की मंडियों में जैविक किसानों को फसल बेचने के लिए अलग स्थान मिलेगा। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण से प्रमाणित किसानों को अगले पांच वर्षों तक 10 हजार रुपये प्रति एकड़ वार्षिक अनुदान दिया जाएगा।


भिवानी, रोहतक और गुरुग्राम समेत अन्य जिलों में 1.40 लाख एकड़ लवणीय भूमि को खेती योग्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है। ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 2 हजार महिलाओं को खाद्य प्रशिक्षण देकर सीधे बाजार से जोड़ा जाएगा।


मत्स्य, डेयरी और पशुपालन में निवेश

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत हिसार और फरीदाबाद में 100 करोड़ रुपये की लागत से मछली मंडियां स्थापित की जाएंगी। करनाल में 50 करोड़ रुपये की लागत से मछली प्रसंस्करण इकाई बनाई जाएगी।


हिसार में 30 करोड़ रुपये से हरियाणा पशु चिकित्सा महामारी विज्ञान केंद्र बनेगा। रेवाड़ी और अंबाला में 300-300 करोड़ रुपये की लागत से 5 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले दो मिल्क प्लांट स्थापित होंगे।


यमुनानगर, रोहतक और फरीदाबाद में 9 करोड़ रुपये से मृदा-जल परीक्षण लैब बनेंगी। 20 करोड़ रुपये से ज्योतिसर और सांपला के मछली बीज फार्मों का आधुनिकीकरण होगा। 7 नए पशु औषधालय, 4 राजकीय पशु चिकित्सालय और 8 नई फूड टेस्टिंग लैब स्थापित की जाएंगी, जबकि करनाल में NABL प्रमाणित दूध व खाद्य परीक्षण लैब बनेगी।