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हरियाणा सरकार का ऐतिहासिक निर्णय: 1984 के दंगों में मारे गए सिख परिवारों को नौकरी मिलेगी

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने 1984 के सिख विरोधी दंगों में मारे गए परिवारों को सरकारी नौकरी देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस कदम की सराहना करते हुए सिख समुदाय के नेता इसे सिखों के जख्मों पर मरहम लगाने के रूप में देख रहे हैं। जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल ने इस निर्णय का स्वागत किया और अन्य राज्यों से भी इसी तरह के कदम उठाने की अपील की। जानें इस निर्णय के पीछे की कहानी और सिख समुदाय की प्रतिक्रिया।
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हरियाणा सरकार का ऐतिहासिक निर्णय: 1984 के दंगों में मारे गए सिख परिवारों को नौकरी मिलेगी

हरियाणा में सिख परिवारों के लिए नौकरी का ऐतिहासिक निर्णय


हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसके तहत 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों में मारे गए लोगों के परिवारों को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया गया है। इस निर्णय की सराहना करते हुए सिख समुदाय के नेता इसे सिखों के जख्मों पर मरहम लगाने के रूप में देख रहे हैं। शिरोमणि अकाली दल आजाद के प्रमुख जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल ने कहा कि यह कदम सिख समुदाय के लिए एक सकारात्मक संकेत है।


41 वर्षों बाद सिख परिवारों की याद आई


उन्होंने कहा कि 41 साल बाद किसी ने आखिरकार दंगों में मारे गए सिख परिवारों की याद की। इससे पहले, पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने का कार्य किया था। दादूवाल ने यह भी कहा कि हरियाणा सरकार के इस निर्णय का अनुसरण अन्य राज्यों को भी करना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी अपील की कि पूरे देश में सिख दंगों में मारे गए परिवारों को नौकरी देने की प्रक्रिया शुरू की जाए।


इसके अलावा, दादूवाल ने हरियाणा सिख गुरुद्वारा एक्ट में संशोधन का समर्थन किया और कहा कि ज्यूडीशियल आयोग को दिए गए अधिकार सही हैं। उन्होंने नशे के खिलाफ भी अपनी राय रखी और कहा कि नशा करने वाले एचएसजीपीसी के सदस्यों को अपने पद से हट जाना चाहिए।


उन्होंने यह भी कहा कि अगर देश के बाहर किसी भारतीय या सिख के साथ अन्याय होता है, तो हम उनके साथ खड़े रहेंगे और उनकी मदद करेंगे।