हरियाणा सरकार का पत्रकारों के लिए बजट 2026-27 में महत्वपूर्ण निर्णय
हरियाणा सरकार ने बजट 2026-27 में पत्रकारों के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। मीडिया वेलबीइंग एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री द्वारा आपात स्थितियों में आर्थिक सहायता की सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव का स्वागत किया है। संगठन ने पहले भी कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई हैं, जिनमें पेंशन सुधार और कैशलेस चिकित्सा शामिल हैं। जानें इस नई योजना के बारे में और क्या-क्या मांगें की गई हैं।
| Mar 2, 2026, 22:07 IST
हरियाणा सरकार की नई घोषणा
हरियाणा सरकार ने बजट 2026-27 में पत्रकारों के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है, जिसे मीडिया जगत ने सराहा है। मीडिया वेलबीइंग एसोसिएशन (एमडब्ल्यूबीए) के अध्यक्ष चंद्रशेखर धरणी ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा पेश की गई योजना का स्वागत किया है, जिसमें आपात स्थितियों में मीडियाकर्मियों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता की सीमा 2.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का प्रस्ताव शामिल है।
आपात स्थितियों में सहायता
धरणी ने कहा कि यह बढ़ी हुई राशि पत्रकारों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा साबित होगी। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलकर उनके प्रति आभार व्यक्त करेगा।
कोरोना काल में संगठन का गठन
धरणी ने बताया कि एमडब्ल्यूबीए का गठन कोरोना महामारी के दौरान हुआ था, जब पत्रकारों की आर्थिक सुरक्षा को लेकर कई मुद्दे उठाए गए थे। उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को आर्थिक सहायता बढ़ाने के लिए ज्ञापन भी सौंपा था।
महत्वपूर्ण मांगों की पूर्ति
धरणी ने कहा कि संगठन के प्रयासों से पहले भी पत्रकारों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। पत्रकार पेंशन को 10 हजार से बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रतिमाह करने में संगठन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके अलावा, पत्रकारों के खिलाफ मामलों में सुविधाएं बंद करने संबंधी अधिसूचना को निरस्त करवाने में भी एमडब्ल्यूबीए की अहम भूमिका रही है।
नई मांगें
हाल ही में मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में कई नई मांगें रखी गई हैं, जिनमें सेवानिवृत्त पत्रकारों के लिए न्यूनतम 30 हजार रुपये मासिक पेंशन, पेंशन नियमों को सरल बनाना, और 15 वर्ष की सक्रिय पत्रकारिता के बाद पेंशन का अधिकार देने की मांग शामिल है। इसके अलावा, पत्रकारों और उनके परिवारों के लिए 10 लाख रुपये तक की वार्षिक कैशलेस चिकित्सा सुविधा की भी मांग की गई है।
विशेष आवासीय योजनाएं
धरणी ने कहा कि संगठन ने पत्रकारों के लिए विशेष आवासीय योजनाएं और उनके बच्चों को सरकारी नौकरियों में 3 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग भी की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार पत्रकार समुदाय की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर हरियाणा की पत्रकारिता को नई दिशा देगी।
