हाजी शौकत अली का विवादास्पद बयान: मुसलमानों के एनकाउंटर का बदला लेने का वादा
हाजी शौकत अली का बयान
हाजी शौकत अली का विवादास्पद बयान: उत्तर प्रदेश AIMIM के अध्यक्ष हाजी शौकत अली एक बार फिर अपने बयान के कारण चर्चा में हैं। मेरठ में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि यदि यूपी में उनके 11 विधायक जीतते हैं, तो वह यह सुनिश्चित करेंगे कि मुसलमानों का एनकाउंटर करने वाले का भी एनकाउंटर होगा। इस बयान ने प्रदेश में राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है।
जानकारी के अनुसार, AIMIM नेता हाजी शौकत अली मेरठ में ईद मिलन कार्यक्रम में शामिल हुए थे। वहां उन्होंने योगी सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा, “मेरे दोस्तों! मुझे 111 नहीं, बस 11 विधायक जिताकर दो। मैं वादा करता हूं कि उत्तर प्रदेश में अगर किसी मुसलमान का एनकाउंटर होगा, तो एनकाउंटर करने वाले का भी एनकाउंटर होगा। इंशा अल्लाह… मैं यह वादा करके जा रहा हूं।”
AIMIM नेता के बयान पर राजनीतिक घमासान तेज, प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू!
मेरठ में AIMIM नेता हाजी शौकत अली का विवादित बयान, सियासत गरम।
AIMIM प्रदेश अध्यक्ष हाजी शौकत अली बोले- 11 विधायक दे दो, ताकत दिखा देंगे।
ईद मिलन कार्यक्रम में सरकार और प्रशासन पर साधा निशाना।
“मुसलमान का… pic.twitter.com/SJ31AED6PJ— Roshan Kumar Journalist (@cameraman_r) March 24, 2026
इस विवादास्पद बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। इस बीच, कांग्रेस ने शौकत अली के बयान को चुनावी बयान करार दिया है। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, “अगर बिहार में BJP की सरकार बनी है, तो इसकी वजह असदुद्दीन ओवैसी हैं। उनकी पार्टी ने वोट काटे हैं। वह BJP के बिछड़े हुए जुड़वां भाई की तरह काम करते हैं। आप चुनाव में आते हैं, बस बयान देते हैं और वही करते हैं जिससे BJP को फायदा हो।”
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, “इन 11 विधायकों से उन्हें क्या हासिल होगा? इसका मतलब होगा कि पूरे देश और राज्य में BJP की सरकार बनेगी। आप BJP की सरकार बनवाने में सहयोगी क्यों बनना चाहते हैं? हो सकता है कि आपको व्यक्तिगत तौर पर फायदा हो, लेकिन पूरे समुदाय को नुकसान उठाना पड़ेगा। ध्रुवीकरण की राजनीति, चाहे वह हिंदुओं की हो या मुसलमानों की, गलत है।”
गौरतलब है कि हाजी शौकत अली अक्सर अपने बयानों के कारण विवादों में रहते हैं। इससे पहले उन्होंने मुसलमानों से अधिक बच्चे पैदा करने की अपील करते हुए ‘हम दो, हमारे दो नहीं, बल्कि हमारे दो दर्जन’ का नारा दिया था। उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण के तर्कों को खारिज करते हुए कहा था कि किसी भी देश की असली ताकत उसकी बड़ी आबादी में होती है।
