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अनंत सिंह की रिहाई: मोकामा में राजनीतिक हलचल तेज

बिहार के मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह को दुलारचंद हत्याकांड में जमानत मिलने के बाद जेल से रिहा कर दिया गया है। उनकी रिहाई के बाद समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। अनंत सिंह का राजनीतिक प्रभाव मोकामा क्षेत्र में लंबे समय से बना हुआ है, और उनकी वापसी के साथ राजनीतिक गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। जानें उनके स्वागत समारोह और भविष्य की योजनाओं के बारे में।
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अनंत सिंह की रिहाई: मोकामा में राजनीतिक हलचल तेज

मोकामा में अनंत सिंह की रिहाई


मोकामा: बिहार की राजनीति में एक प्रमुख नाम अनंत सिंह फिर से चर्चा में हैं। मोकामा से जेडीयू के विधायक अनंत सिंह को दुलारचंद हत्याकांड में जमानत मिलने के बाद पटना की बेऊर जेल से रिहा किया गया। सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद वे सोमवार को जेल से बाहर आए।


रिहाई के बाद उनका पहला कार्यक्रम लखीसराय के बड़हिया स्थित महारानी मंदिर जाने का है। इसके बाद वे अपने विधानसभा क्षेत्र मोकामा के लिए निकलेंगे, जहां उनके द्वारा लगभग 50 किलोमीटर लंबा रोड शो आयोजित किया जाएगा। इस दौरान उनके समर्थक कई स्थानों पर उनका स्वागत करेंगे।


समर्थकों का उत्साह

समर्थकों ने किया स्वागत 


बेऊर जेल के बाहर अनंत सिंह के समर्थकों की बड़ी संख्या इकट्ठा थी। जैसे ही वे जेल से बाहर आए, कार्यकर्ताओं ने उन्हें फूलों और मालाओं से सम्मानित किया। समर्थकों ने जोरदार नारेबाजी की, जिससे माहौल उत्साह से भर गया। अपने नेता को देखकर समर्थकों में विशेष उत्साह देखा गया।


जमानत की प्रक्रिया

हाईकोर्ट ने दी जमानत


पटना हाईकोर्ट ने अनंत सिंह को 19 मार्च को जमानत दी थी, लेकिन तकनीकी कारणों से उनकी रिहाई में देरी हुई। बेल बॉंड समय पर जमा न होने के कारण उन्हें चार दिन बाद 23 मार्च को जेल से बाहर आने का अवसर मिला। अदालत ने उन्हें 15,000 रुपये के मुचलके पर राहत दी है।


आरोप और शर्तें

हत्या की साजिश का आरोप


अनंत सिंह को एक नवंबर को गिरफ्तार किया गया था। उन पर हत्या की साजिश रचने का आरोप है। अदालत ने जमानत देते समय कुछ सख्त शर्तें भी लगाई हैं, जिनमें गवाहों को प्रभावित न करने और सबूतों से छेड़छाड़ न करने का निर्देश शामिल है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, दुलारचंद यादव की मृत्यु गंभीर चोटों के कारण हुई थी।


मोकामा में अनंत सिंह का राजनीतिक प्रभाव

मोकामा सीट पर अनंत सिंह का प्रभाव


मोकामा सीट पर अनंत सिंह और उनके परिवार का लंबे समय से प्रभाव रहा है। 1990 के दशक से इस क्षेत्र में उनका दबदबा बना हुआ है। वर्ष 2022 में एक अन्य मामले में दोषसिद्धि के बाद उनकी सदस्यता समाप्त हो गई थी, जिसके बाद उपचुनाव में उनकी पत्नी नीलम देवी ने जीत हासिल की थी। बाद में उन्हें उस मामले में राहत भी मिल गई थी। अब उनकी रिहाई के बाद मोकामा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियों के बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।