तेजप्रताप यादव का दही-चूड़ा भोज: बिहार की राजनीति में नया मोड़
पटना में दही-चूड़ा भोज का आयोजन
पटना: बिहार की राजनीतिक परंपरा में मकर संक्रांति का पर्व विशेष महत्व रखता है, जहाँ दही-चूड़ा के भोज के माध्यम से नेता अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन करते हैं। इसी संदर्भ में जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के अध्यक्ष तेजप्रताप यादव ने अपने निवास पर एक भव्य दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया, जिसमें उन्होंने राजनीतिक और पारिवारिक संदेश एक साथ दिए।
तेजस्वी यादव के साथ संबंध
इस अवसर पर तेजप्रताप ने अपने छोटे भाई और राजद नेता तेजस्वी यादव के बारे में खुलकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि वह तेजस्वी से यह अनुरोध करना चाहते हैं कि राजद (आरजेडी) का विलय जनशक्ति जनता दल में कर दिया जाए। उनका मानना है कि लालू प्रसाद यादव की असली पार्टी जनशक्ति जनता दल है, जो उनकी विरासत का सही प्रतिनिधित्व करती है।
भाईचारे की राजनीति
जयचंद का संदर्भ
तेजस्वी यादव के भोज में अनुपस्थित रहने पर तेजप्रताप ने व्यंग्य करते हुए कहा, "वो नहीं आए, शायद जयचंद ने उन्हें घेर रखा हो।" यह टिप्पणी बिहार की राजनीति में भाईचारे और राजनीतिक विभाजन के बीच चल रही खींचतान को दर्शाती है।
भावुक क्षण
#WATCH | Patna, Bihar: Jan Shakti Janata Dal leader Tej Pratap Yadav says, "On the occasion of Makar Sankranti, we have invited all people. Everyone has come. Some people might be on the way..."
— News Media (@NewsMedia) January 14, 2026
He further says, "The RJD will merge with the JJD." pic.twitter.com/E8JgufEJnQ
जब उनके पिता लालू प्रसाद यादव भोज में पहुंचे, तो तेजप्रताप काफी भावुक हो गए। उन्होंने कहा, "पिता आ गए, इससे बड़ा कुछ नहीं है। उनका आशीर्वाद मिल गया।" इस भोज में राज्यपाल और सत्ता-विपक्ष के कई प्रमुख नेता भी शामिल हुए, जिससे यह आयोजन और भी चर्चा का विषय बना।
निमंत्रण की प्रक्रिया
छोटे भाई को निमंत्रण
तेजप्रताप ने बताया कि उन्होंने 13 जनवरी को अपने पिता, मां और छोटे भाई तेजस्वी को निमंत्रण देने के लिए खुद जाकर उनसे मिले थे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई नेताओं को भी निमंत्रण भेजा गया था। कई नेताओं ने आकर आशीर्वाद दिया, जिसे तेजप्रताप ने सकारात्मक संकेत माना।
यह दही-चूड़ा भोज केवल एक पारंपरिक आयोजन नहीं था, बल्कि तेजप्रताप यादव की नई राजनीतिक पहचान और परिवार के भीतर चल रही खींचतान को उजागर करने का एक अवसर बन गया। जनशक्ति जनता दल के नेता के रूप में तेजप्रताप लगातार अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं, और यह आयोजन उस दिशा में उनका एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
