Newzfatafatlogo

बिहार कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष आलोक राज ने दिया इस्तीफा

बिहार कर्मचारी चयन आयोग के नए अध्यक्ष आलोक राज ने अपने पदभार ग्रहण करने के कुछ ही दिनों बाद इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए यह निर्णय लिया। आलोक राज की नियुक्ति को आयोग की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा था। उनके इस्तीफे से आयोग में नेतृत्व की कमी हो गई है, जिससे कई भर्ती प्रक्रियाओं पर असर पड़ सकता है। जानें इस इस्तीफे के पीछे की पूरी कहानी और आयोग की वर्तमान स्थिति।
 | 
बिहार कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष आलोक राज ने दिया इस्तीफा

आलोक राज का इस्तीफा: प्रशासनिक हलचल


पटना: बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) के नए अध्यक्ष आलोक राज, जो एक पूर्व वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं, ने अपने पदभार ग्रहण करने के कुछ ही दिनों बाद इस्तीफा दे दिया है। इस निर्णय ने राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक क्षेत्रों में हलचल मचा दी है। आलोक राज ने अपने त्यागपत्र में निजी कारणों का उल्लेख करते हुए इसे तुरंत प्रभाव से लागू करने का अनुरोध किया है।


सेवानिवृत्ति के बाद मिली थी अध्यक्ष की जिम्मेदारी

आलोक राज, जो 1989 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी हैं, 31 दिसंबर 2025 को बिहार पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त हुए थे। उसी दिन राज्य सरकार ने उन्हें बीएसएससी का अध्यक्ष नियुक्त करने की अधिसूचना जारी की थी। यह नियुक्ति पांच वर्षों के लिए या 65 वर्ष की आयु पूरी होने तक प्रभावी रहने वाली थी। उन्होंने 1 जनवरी 2026 से औपचारिक रूप से आयोग की जिम्मेदारी संभाली थी।


इस्तीफे के पीछे का कारण

हालांकि, आलोक राज ने पदभार ग्रहण करने के केवल पांच दिनों के भीतर सामान्य प्रशासन विभाग को अपना इस्तीफा सौंप दिया। सूत्रों के अनुसार, इस्तीफे में किसी भी प्रकार के प्रशासनिक दबाव या राजनीतिक विवाद का उल्लेख नहीं है। यह निर्णय पूरी तरह से व्यक्तिगत कारणों पर आधारित बताया जा रहा है। आलोक राज का यह कदम चौंकाने वाला है क्योंकि वे लंबे समय से पुलिस महकमे में महत्वपूर्ण भूमिकाओं में रहे हैं और उनकी नियुक्ति को आयोग की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा था।


बीएसएससी की चुनौतियाँ

बीएसएससी बिहार में विभिन्न सरकारी विभागों के लिए ग्रुप सी और डी स्तर की भर्तियां आयोजित करने वाला प्रमुख संवैधानिक निकाय है। वर्तमान में आयोग के सामने कई बड़ी भर्ती प्रक्रियाएं लंबित हैं, जिनमें हजारों पदों पर नियुक्तियां होनी हैं। आलोक राज के इस्तीफे से आयोग में नेतृत्व की कमी हो गई है, जिससे इन प्रक्रियाओं पर असर पड़ सकता है।


प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे महत्वपूर्ण पद पर इतनी जल्दी बदलाव से आयोग की विश्वसनीयता और कार्यक्षमता पर सवाल उठ सकते हैं। सरकार की ओर से नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इस समय, आयोग के मौजूदा सदस्य और अधिकारी दैनिक कार्यों का संचालन कर रहे हैं।