बिहार के पूर्वी चंपारण में आग से तीन की मौत, प्रशासन ने शुरू की जांच
आग लगने की घटना
पटना: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के ढाका प्रखंड स्थित बड़हरवा फतेह मोहम्मद गांव में शुक्रवार रात एक दो मंजिला थोक जनरल स्टोर में अचानक आग लग गई। आग ने तेजी से पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में दुकानदार के दो छोटे बच्चों और एक कर्मचारी की जान चली गई। घटना के बाद गांव में शोक और दहशत का माहौल बन गया।
घटना का विवरण
यह घटना शुक्रवार रात की है, जब लोग गहरी नींद में थे। अचानक दुकान से धुआं और आग की लपटें निकलने लगीं। आग ने तेजी से विकराल रूप धारण कर लिया। आसपास के लोगों ने शोर मचाकर परिवार को जगाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी तेजी से फैल चुकी थी कि अफरा-तफरी मच गई। लोग बाल्टी और मोटर की मदद से आग बुझाने का प्रयास करने लगे।
तीन लोगों की जान गई
तीन लोगों की दर्दनाक मौत
इस अग्निकांड में दुकानदार राजकुमार साह के बेटे रुद्र कुमार और बेटी सृष्टि की जान चली गई। दोनों बच्चे आग की चपेट में आकर बाहर नहीं निकल सके। इसके अलावा दुकान में काम करने वाले प्रिंस कुमार की भी झुलसने से मौत हो गई। घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव के लोग भी इस हादसे से सदमे में हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन
घंटों तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव कार्य में जुट गई। आग इतनी भयानक थी कि उसे नियंत्रित करने में पूरी रात लग गई। दमकल कर्मियों ने लगातार पानी की बौछार कर आग को फैलने से रोका। शनिवार सुबह करीब आठ बजे जाकर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आ सकी।
आग लगने का कारण
शॉर्ट सर्किट की आशंका
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। दुकान में बड़ी मात्रा में किराना और अन्य सामान रखा था, जिससे आग तेजी से फैल गई। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि दुकान में रखा अधिकांश सामान जलकर राख हो गया। पुलिस ने मलबे से शव निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
प्रशासन की कार्रवाई
प्रशासन ने शुरू की जांच
सिकरहना के डीएसपी उदयशंकर ने बताया कि आग दो मंजिला भवन में लगी थी और काफी मेहनत के बाद इसे पूरी तरह बुझाया गया। प्रशासन अब पूरे मामले की जांच कर रहा है और आग से हुए नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है और लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।
