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बिहार में 80 वर्षीय महिला के साथ दुष्कर्म के मामले में किशोर को 18 महीने की सजा

मधुबनी जिले में 80 वर्षीय महिला के साथ दुष्कर्म के मामले में किशोर को 18 महीने की सजा सुनाई गई है। यह घटना 2019 में हुई थी, और अब न्याय मिलने पर परिजनों ने राहत की सांस ली है। इस मामले ने ग्रामीण इलाकों में बुजुर्ग महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जानें इस जघन्य अपराध की पूरी कहानी और न्याय की प्रक्रिया के बारे में।
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बिहार में 80 वर्षीय महिला के साथ दुष्कर्म के मामले में किशोर को 18 महीने की सजा

बिहार: न्याय की एक लंबी प्रतीक्षा के बाद फैसला


बिहार: मधुबनी जिले में एक गंभीर घटना के बाद, 80 वर्षीय महिला के साथ दुष्कर्म करने वाले किशोर को किशोर न्याय परिषद ने दोषी ठहराते हुए 18 महीने की सजा सुनाई है। यह सजा 6 अप्रैल 2026 को लागू होगी, जबकि यह घटना 10 जुलाई 2019 की रात को हुई थी।


80 वर्षीय महिला के साथ दुष्कर्म की घटना

अंधराठाढ़ी थाना क्षेत्र के एक गांव में, 80 वर्षीय महिला अपने घर के बरामदे में मच्छरदानी लगाकर सो रही थीं। तभी गांव का एक किशोर चुपके से मच्छरदानी के अंदर घुस आया और महिला के साथ दुष्कर्म किया। जब महिला ने चीखना शुरू किया, तो उनकी बहू और पोता मौके पर पहुंचे। किशोर भागने की कोशिश में मच्छरदानी में फंस गया। ग्रामीणों ने उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया।


किशोर की उम्र और सजा का फैसला

महिला की मेडिकल जांच में उनके प्राइवेट पार्ट पर चोट के निशान और स्पर्म पाए गए। डॉक्टरों की टीम ने कोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश की, जिसमें इस बात की पुष्टि हुई। सुनवाई के दौरान किशोर की उम्र के संबंध में बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड का प्रमाण पत्र पेश किया गया, जिसके अनुसार घटना के समय उसकी उम्र 14 वर्ष 4 माह 23 दिन थी। इसलिए मामले की सुनवाई किशोर न्याय परिषद में हुई।


प्रधान दंडाधिकारी न्यायाधीश अंकित आनंद और उनके सदस्यों ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाया। अनुमंडल अभियोजन पदाधिकारी ने इसे समाज के लिए कलंक बताते हुए कड़ी सजा की मांग की। कोर्ट ने किशोर को दोषी ठहराते हुए 18 महीने की सजा दी और उसे पटना के स्पेशल होम भेजने का आदेश दिया। यह मामला ग्रामीण इलाकों में बुजुर्ग महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाता है।


न्याय मिलने पर परिजनों की प्रतिक्रिया

हालांकि पुलिस और कोर्ट ने मामले की जांच में समय लिया, लेकिन अंततः न्याय मिला। परिजनों ने कहा कि न्याय मिलने से उन्हें कुछ राहत मिली है, लेकिन घटना के घाव कभी नहीं भर सकते। स्थानीय लोग आशा कर रहे हैं कि ऐसे जघन्य अपराधों पर सख्त कार्रवाई से समाज में डर का माहौल बनेगा और महिलाएं, विशेषकर बुजुर्ग महिलाएं, सुरक्षित महसूस करेंगी।