बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई: दो आईएएस अधिकारी निलंबित
बिहार में प्रशासनिक हलचल
नई दिल्ली: बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था में हड़कंप मच गया है, जब राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक कठोर निर्णय लिया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग ने दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को निलंबित करने की आधिकारिक सूचना जारी की है। एक प्रभावशाली ठेकेदार की गिरफ्तारी के बाद प्रशासनिक लॉबी और टेंडर माफिया के बीच के गंदे गठजोड़ का खुलासा हुआ है, जिसके चलते सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है।
निलंबित अधिकारियों की पहचान
इस कार्रवाई में 2014 बैच की आईएएस अधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा और 2017 बैच के आईएएस अधिकारी योगेश कुमार सागर शामिल हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने अपने उच्च पदों का दुरुपयोग करते हुए कुख्यात ठेकेदार रिशु श्री को नियमों की अनदेखी कर बड़े सरकारी ठेके दिलवाए। इसके बदले में इन अधिकारियों ने रिशु श्री से खुद और अपने परिवारों के लिए भारी मात्रा में रिश्वत ली।
विशेष छापेमारी
इस घोटाले का खुलासा तब हुआ जब विशेष सतर्कता इकाई (SVU) की टीम ने पटना में सक्रिय टेंडर माफिया रिशु श्री को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी से पहले, सतर्कता विभाग के अधिकारियों ने रिशु श्री के एक भव्य फ्लैट पर छापेमारी की थी। वहां की सुख-सुविधाओं और अवैध संपत्ति के दस्तावेजों को देखकर जांच दल के वरिष्ठ अधिकारी भी हैरान रह गए।
महंगे विदेशी दौरे
प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा मामले की गहन जांच में यह सामने आया कि रिशु श्री ने इन प्रभावशाली अधिकारियों को खुश रखने के लिए यूरोप और ऑस्ट्रेलिया जैसे महंगे देशों की हवाई यात्राएं कराई। इन विदेशी यात्राओं के हवाई टिकट और फाइव स्टार होटलों का खर्च भी वही उठाता था।
छत की बागवानी में रिश्वत
जांच एजेंसियों की पड़ताल में एक अनोखा तरीका भी सामने आया है। पता चला है कि रिशु श्री ने आईएएस अभिलाषा कुमारी शर्मा के सरकारी आवास की छत पर एक शानदार टैरेस गार्डन तैयार करवाया था। इस बागवानी के लिए लगभग 9 लाख रुपये का खर्च ठेकेदार ने खुद उठाया था।
अन्य अधिकारियों की जांच
एसवीयू और ईडी की संयुक्त पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ है कि रिशु श्री ने राज्य के कई महत्वपूर्ण विभागों में एक मजबूत सिंडिकेट बना रखा था। वह अपने संबंधों का उपयोग कर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा रहा था। सूत्रों के अनुसार, इस सिंडिकेट से जुड़े बिहार प्रशासनिक सेवा और आईएएस कैडर के कई अन्य बड़े चेहरे भी जल्द ही सलाखों के पीछे जा सकते हैं।
