बिहार में सम्राट सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार: जाति समीकरण का ध्यान रखा गया
मंत्रिमंडल का विस्तार
पटना: बिहार में सम्राट सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार आज गांधी मैदान में होने जा रहा है, जहां 31 नेता मंत्री पद की शपथ लेंगे। इस नए मंत्रिमंडल में एनडीए ने जाति समीकरण को संतुलित करने के लिए सावधानी से नेताओं का चयन किया है।
बीजेपी के 15 मंत्री
इस मंत्रिमंडल में बीजेपी के 15 विधायकों को शामिल किया गया है, जबकि नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू को 13 पद मिले हैं। चिराग पासवान की लोजपा (राम विलास) को केवल दो मंत्री पद दिए गए हैं। जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टियों को एक-एक मंत्री पद मिला है। हालांकि बीजेपी का हिस्सा बड़ा है, लेकिन जेडीयू की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। दोनों पार्टियों ने अपने सामाजिक और जातीय वोटबैंक को ध्यान में रखते हुए मंत्रियों का चयन किया है।
बीजेपी के मंत्रियों का सामाजिक समीकरण
बीजेपी द्वारा चुने गए मंत्रियों में 6 अपर कास्ट, 7 ओबीसी और 2 दलित समुदाय के नेता शामिल हैं। इसके अलावा, 2 भूमिहार, 2 ब्राह्मण और 2 राजपूत नेताओं को भी मंत्री बनाया गया है। पार्टी ने पिछड़े और अति पिछड़े समुदायों के नेताओं को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया है, जिनमें यादव, मल्लाह, कानू, चंद्रवंशी, तेली और अन्य समाज के नेता शामिल हैं। प्रमुख नामों में विजय सिन्हा, दिलीप जायसवाल, रामकृपाल यादव, नीतीश मिश्रा, श्रेयसी सिंह और नंदकिशोर राम शामिल हैं।
जेडीयू के मंत्रियों का चयन
जेडीयू के 13 मंत्रियों में 1 सवर्ण, 1 मुस्लिम और 8 ओबीसी-ईबीसी नेता शामिल हैं। इसके अलावा, 3 दलित नेताओं को भी मंत्रिमंडल में जगह दी गई है। इनमें 2 कुर्मी, 3 धनुष और 1 कुशवाह समुदाय के नेता शामिल हैं। 1 वैश्य समुदाय के नेता को भी मंत्री बनाया गया है। इनमें नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार, श्रवण कुमार, मदन शाहनी, लेसी सिंह, अशोक चौधरी और जामा खान शामिल हैं।
चिराग की लोजपा के मंत्री
चिराग पासवान की लोजपा (राम विलास) से संजय पासवान (दलित) और संजय सिंह (राजपूत) को मंत्री बनाया गया है। जीतनराम मांझी की पार्टी से संतोष कुमार सुमन को मंत्री बनाया जाएगा, जो मुसहर समुदाय से हैं। उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी से दीपक प्रकाश को मंत्री बनाया जाएगा, जो कुशवाहा समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं। कुल मिलाकर, सरकार में जाति समीकरण को संतुलित करने का प्रयास किया गया है।
