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बिहार से नीतीश कुमार का राज्यसभा में प्रवेश, नए राजनीतिक समीकरणों की शुरुआत

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का राज्यसभा में नामांकन उनके राजनीतिक सफर का नया अध्याय है। इस चुनाव में भाजपा और अन्य दलों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। जानें 10 राज्यों की 37 सीटों पर नामांकन की स्थिति, बिहार में एनडीए की मजबूती, और अन्य राज्यों में राजनीतिक समीकरण। यह चुनाव भाजपा को ऊपरी सदन में सबसे बड़ी पार्टी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
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बिहार से नीतीश कुमार का राज्यसभा में प्रवेश, नए राजनीतिक समीकरणों की शुरुआत

पटना में नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत


पटना: देश की संसद के ऊपरी सदन में नए चेहरों का आगमन होने वाला है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का राज्यसभा में जाना उनकी राजनीतिक यात्रा का एक नया अध्याय शुरू करेगा। वहीं, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन का नामांकन पार्टी की राष्ट्रीय छवि को मजबूत करने वाला कदम है। महाराष्ट्र में शरद पवार का निर्विरोध चुनाव उनके राजनीतिक प्रभाव को फिर से रेखांकित करता है।


10 राज्यों की 37 सीटों पर नामांकन

10 राज्यों की 37 सीटों पर नामांकन अंतिम दिन तक चले, जिसमें कई प्रमुख नेताओं ने पर्चे भरे। कुछ स्थानों पर सहमति बनी, जबकि अन्य में क्रॉस-वोटिंग की आशंका बनी हुई है। यह चुनाव अप्रैल में शुरू होने वाले विधानसभा सत्र से पहले राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।


बिहार में पांच सीटों का खेल

बिहार की पांच सीटों पर एनडीए मजबूत स्थिति में है। नीतीश कुमार और नितिन नवीन के अलावा रामनाथ ठाकुर, शिवेश कुमार और उपेंद्र कुशवाहा ने भी नामांकन किया। हालांकि, पांचवीं सीट पर कुछ असमंजस है, लेकिन कुल मिलाकर निर्विरोध होने की संभावना अधिक है।


महाराष्ट्र में महायुति का दबदबा

महाराष्ट्र की सात सीटों पर सत्ताधारी महायुति गठबंधन के छह उम्मीदवारों में केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले और विनोद तावड़े शामिल हैं। शरद पवार का निर्विरोध चुनाव तय है। पार्थ पवार और ज्योति वाघमारे जैसे अन्य नाम भी मैदान में हैं।


ओडिशा में त्रिकोणीय मुकाबला

ओडिशा की चार सीटों में एक पर कड़ी टक्कर है। भाजपा के मनमोहन सामल और सुजीत कुमार, बीजद के संत्रुप्त मिश्रा और डॉ. दत्तेश्वर होटा के अलावा दिलीप राय ने निर्दलीय नामांकन किया, जिससे क्रॉस-वोटिंग का खतरा बढ़ गया है।


हरियाणा में निर्दलीय की चुनौती

हरियाणा की दो सीटों में से एक पर भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के करमवीर सिंह बौध के अलावा सतीश नांदल ने निर्दलीय पर्चा भरा है। यहां कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं, लेकिन क्रॉस-वोटिंग का इतिहास रहा है।


अन्य राज्यों की स्थिति

बंगाल में तृणमूल के चार और भाजपा के एक उम्मीदवार हैं, जिसमें बाबुल सुप्रियो, राजीव कुमार, मेनका गुरुस्वामी और कोएल मलिक शामिल हैं। असम में राजग के तीन, तेलंगाना में कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी (पुनर्नामांकन) और वेम नरेंदर रेड्डी, तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक व द्रमुक के उम्मीदवार, छत्तीसगढ़ में लक्ष्मी वर्मा और फूलो देवी नेताम, हिमाचल में कांग्रेस के अनुराग शर्मा ने पर्चे भरे।


भाजपा के लिए महत्वपूर्ण चुनाव

यह चुनाव भाजपा को ऊपरी सदन में सबसे बड़ी पार्टी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है, जहां कई दिग्गज फिर से या पहली बार पहुंचेंगे।