लालू यादव ने आईआरसीटीसी घोटाले में दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी
राजनीतिक हलचल के बीच मामला फिर से गरमाया
नई दिल्ली: आईआरसीटीसी घोटाले को लेकर एक बार फिर राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के नेता लालू प्रसाद यादव ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उनके खिलाफ भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के आरोप लगाए गए थे। उन्होंने इस फैसले को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती देते हुए राहत की मांग की है। मामले की सुनवाई सोमवार को होने वाली है।
दिल्ली हाईकोर्ट में मामला पहुंचा
आईआरसीटीसी घोटाले में आरोप तय होने के बाद लालू प्रसाद यादव ने अब दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। उनकी ओर से दायर याचिका में ट्रायल कोर्ट के आदेश को गलत और कानून के खिलाफ बताया गया है। इस याचिका पर सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा की एकल पीठ सुनवाई करेगी। इस सुनवाई पर राजनीतिक और कानूनी हलकों की नजरें टिकी हुई हैं।
अक्टूबर 2025 में आरोप तय
राउज एवेन्यू कोर्ट ने अक्टूबर 2025 में इस मामले में आरोप तय किए थे। स्पेशल जज विशाल गोगने की अदालत ने कहा था कि मामले की सामग्री प्रथम दृष्टया गंभीर अपराध की ओर इशारा करती है। कोर्ट ने यह भी कहा कि जांच एजेंसी द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य ट्रायल के लिए पर्याप्त हैं और इस स्तर पर आरोपों को खारिज नहीं किया जा सकता।
परिवार के सदस्य भी शामिल
इस मामले में लालू प्रसाद यादव अकेले आरोपी नहीं हैं। उनकी पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी तथा उनके बेटे तेजस्वी यादव भी इस मामले में नामजद हैं। उन पर आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं। ट्रायल कोर्ट ने सभी आरोपियों के खिलाफ एक साथ आरोप तय करने का आदेश दिया था।
रेल मंत्री रहते हुए दुरुपयोग का आरोप
अदालत के अनुसार, लालू प्रसाद यादव ने रेल मंत्री रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग किया। कोर्ट ने माना कि आईआरसीटीसी से जुड़े होटल टेंडरों की प्रक्रिया को प्रभावित किया गया। न्यायालय ने यह भी कहा कि लालू यादव इस कथित साजिश से पूरी तरह अवगत थे और निर्णय प्रक्रिया में उनकी भूमिका रही, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
सीबीआई की जांच और आरोप
सीबीआई ने वर्ष 2017 में इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। एजेंसी का आरोप है कि 2004 से 2009 के बीच आईआरसीटीसी के पटना और पुरी स्थित होटलों के टेंडर पसंदीदा निजी कंपनियों को दिए गए। इसके बदले रिश्वत के रूप में जमीन ली गई। जांच के बाद सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव सहित 11 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
