ओवैसी ने कांग्रेस पर लगाया गंभीर आरोप, UAPA को बताया जेल में बंद युवाओं का कारण
ओवैसी का आरोप
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने कांग्रेस पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पार्टी की नीतियों और कानूनों के कारण उमर खालिद और शरजील इमाम जैसे युवा लंबे समय से जेल में बंद हैं। हाल ही में, सुप्रीम कोर्ट ने 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में इन दोनों को जमानत देने से मना कर दिया।
UAPA को बताया जिम्मेदार
ओवैसी ने गैरकानूनी गतिविधियों (रोकथाम) अधिनियम, जिसे UAPA कहा जाता है, को इस स्थिति का मुख्य कारण बताया। उनका कहना है कि यह कानून पहले से ही कठोर था, लेकिन कांग्रेस के शासन में इसमें ऐसे संशोधन किए गए, जिनके चलते अंडरट्रायल कैदियों को लंबे समय तक जेल में रहना पड़ता है।
चिदंबरम के समय के संशोधन पर सवाल
उन्होंने यह भी कहा कि जब पी. चिदंबरम गृह मंत्री थे, तब UAPA में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए। इन परिवर्तनों के कारण आतंकवाद की परिभाषा को बहुत व्यापक और अस्पष्ट बना दिया गया, जिससे अदालतों को जमानत देने में कठिनाई होती है और आरोपी वर्षों तक जेल में रह जाते हैं।
संसद में उठाई थी आपत्ति
ओवैसी ने याद दिलाया कि उन्होंने 2007-08 के दौरान लोकसभा में इस कानून के कुछ प्रावधानों पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था कि 'किसी भी अन्य तरीके से नुकसान पहुंचाने' जैसी भाषा बहुत व्यक्तिपरक है और इसका दुरुपयोग हो सकता है। उन्होंने भविष्य में इसके गलत इस्तेमाल की चेतावनी भी दी थी।
जमानत न मिलने का कारण
ओवैसी ने कहा कि आज उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत न मिलने का आधार वही प्रावधान हैं, जिन पर उन्होंने पहले सवाल उठाए थे। उन्होंने बताया कि दोनों युवा लगभग साढ़े पांच साल से जेल में हैं, जबकि उन्हें अभी तक दोषी साबित नहीं किया गया है।
किसे मिली राहत?
ओवैसी ने यह भी पूछा कि क्या आजादी के बाद कांग्रेस का कोई बड़ा नेता इतने लंबे समय तक जेल में रहा है। उन्होंने बताया कि इसी मामले में गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को जमानत मिल चुकी है। ओवैसी के इस बयान के बाद UAPA कानून और कांग्रेस की भूमिका पर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है।
