जेएनयू में छात्रों का प्रदर्शन: कुलपति के खिलाफ बढ़ा तनाव
जेएनयू में छात्रों का विरोध प्रदर्शन
नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) एक बार फिर सुर्खियों में है। यहां छात्रों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। यह विवाद कुलपति द्वारा किए गए कथित जातिवादी टिप्पणियों और यूजीसी नियमों को लागू करने की मांग के कारण बढ़ा है। छात्रों ने इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
रात के समय बड़ी संख्या में छात्र कैंपस के बाहर इकट्ठा हुए और कुलपति के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद उन्होंने पुतला फूंका। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी, बैरिकेडिंग की गई और अतिरिक्त बल तैनात किया गया। इसके बावजूद छात्र अपने विरोध में पीछे नहीं हटे।
विरोध मार्च पर पुलिस की रोक
छात्रसंघ ने शिक्षा मंत्रालय की ओर मार्च निकालने का निर्णय लिया था, जिसमें लगभग चार से पांच सौ छात्र शामिल हुए। पुलिस ने उन्हें बताया कि प्रशासन से अनुमति नहीं मिली है और मार्च की इजाजत नहीं दी जा सकती। छात्रों को कैंपस में ही रहने के लिए कहा गया। काफी समय तक बातचीत हुई, जिसमें शांति बनाए रखने की अपील की गई, लेकिन छात्र मार्च निकालने पर अड़े रहे। जब उन्हें रोका गया, तो स्थिति बिगड़ गई। पुलिस के अनुसार, कुछ छात्रों ने बैरिकेड्स को नुकसान पहुंचाया और बैनर तथा डंडे फेंके। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की।
#WATCH | दिल्ली | जेएनयू के छात्रों ने कुलपति के कथित जातिवादी टिप्पणियों के खिलाफ और कल के प्रदर्शन के बाद छात्रों की गिरफ्तारी के खिलाफ पुतला फूंका।
— मीडिया चैनल (@MediaChannel) 27 फरवरी 2026
कड़ी सुरक्षा… pic.twitter.com/yuqVAGrmms
गिरफ्तारी और जमानत
पुलिस ने छात्रसंघ अध्यक्ष सहित 14 छात्रों को गिरफ्तार किया, जिनमें छात्रसंघ अध्यक्ष अदिति मिश्रा, पूर्व अध्यक्ष नीतीश कुमार, उपाध्यक्ष गोपिका के बाबू और संयुक्त सचिव दानिश अली शामिल हैं। इसके बाद सभी को हिरासत में लिया गया।
गिरफ्तार छात्रों को शुक्रवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 25 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी। पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है।
घटनाक्रम के बाद कैंपस के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस स्थिति पर नजर रख रही है, जबकि छात्र संगठन आगे की रणनीति पर विचार कर रहे हैं। प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है। वर्तमान में जेएनयू का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है, और सभी की नजरें आने वाले दिनों में स्थिति के विकास पर हैं।
