दिल्ली-NCR में होली पर परिवहन सेवाओं में बदलाव
दिल्ली में होली का त्योहार और परिवहन सेवाएं
नई दिल्ली: होली का त्योहार इस बार दिल्ली-NCR के यात्रियों के लिए कुछ विशेष चुनौतियाँ लेकर आया है। मेट्रो, बस और रैपिड ट्रांजिट सेवाओं में त्योहार के अवसर पर बदलाव किए गए हैं, ताकि कर्मचारी भी अपने परिवार के साथ इस अवसर का आनंद ले सकें। घर लौटने वाले यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने विशेष ट्रेनों का प्रबंध किया है। पिछले कुछ दिनों में लाखों यात्रियों ने ट्रेनों का उपयोग किया है। यदि आप होली पर यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो इन परिवर्तनों से पहले ही अवगत हो जाएं, ताकि कोई असुविधा न हो।
मेट्रो सेवाएं दोपहर से शुरू होंगी
दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने होली के दिन सभी लाइनों पर सेवाएं दोपहर 2:30 बजे से शुरू करने का निर्णय लिया है। एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन सहित सभी कॉरिडोर पर यह बदलाव लागू होगा। सुबह और दोपहर के प्रारंभिक घंटों में मेट्रो सेवाएं नहीं चलेंगी, जिससे कर्मचारियों को अपने परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिल सके। 2:30 बजे के बाद ट्रेनें सामान्य रूप से टर्मिनल स्टेशनों से चलेंगी। यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना इसी समय के अनुसार बनानी चाहिए, ताकि कोई देरी न हो।
नमो भारत सेवाएं शाम 5 बजे से शुरू होंगी
दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पर चलने वाली नमो भारत ट्रेन और मेरठ मेट्रो होली के दिन सुबह से शाम 5 बजे तक बंद रहेंगी। एनसीआरटीसी के अनुसार, शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक ही सेवाएं उपलब्ध होंगी। सामान्य दिनों में ये ट्रेनें सुबह 6 बजे से चलती हैं, लेकिन त्योहार के दौरान यात्रियों की संख्या कम होने के कारण यह निर्णय लिया गया है। मेरठ जाने वाले यात्रियों को शाम के बाद ही यात्रा करनी होगी।
डीटीसी बसों का संचालन दोपहर 2 बजे के बाद
दिल्ली में डीटीसी बसों का संचालन होली पर पहली शिफ्ट में नहीं होगा। दूसरी शिफ्ट दोपहर 2 बजे के बाद शुरू होगी, लेकिन केवल 25% बसें ही सड़कों पर चलेंगी। अधिकारियों का कहना है कि आवश्यकता पड़ने पर रूट्स पर फेरे बढ़ाए जा सकते हैं। यह व्यवस्था यात्रियों की सुविधा और कर्मचारियों के त्योहार मनाने के लिए की गई है। सुबह-सुबह बसों का इंतजार न करें।
रेलवे द्वारा स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं
होली पर घर लौटने वाले यात्रियों की संख्या दिल्ली के स्टेशनों पर लगातार बढ़ रही है। पिछले पांच दिनों में लगभग 14 लाख यात्रियों ने स्पेशल ट्रेनों का उपयोग किया है। मंगलवार को भी 22 स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं। उत्तर रेलवे के प्रवक्ता के अनुसार, पूर्वी राज्यों के लिए ये ट्रेनें संचालित की जा रही हैं। स्टेशनों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पिछले साल की तुलना में 18 प्रतिशत कम यात्रा हुई थी, लेकिन इस बार भीड़ अधिक है।
