दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन
दिल्ली की जनता का आक्रोश
नई दिल्ली: पिछले चार महीनों से जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर दिल्लीवासियों ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी के नेतृत्व में सड़कों पर उतरकर भाजपा सरकार के प्रति अपना विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि अब उन्हें सरकार से कोई उम्मीद नहीं है और उन्होंने मांग की कि सरकार को एक्यूआई पर गंभीरता से काम करना चाहिए।
भाजपा सरकार पर आरोप
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार एक्यूआई डेटा में हेरफेर कर रही है, जिससे भारत की छवि खराब हो रही है। उन्होंने कहा कि अगर विधानसभा में प्रदूषण पर चर्चा होती है, तो भाजपा सरकार की असलियत सामने आ जाएगी।
यमुना के पानी का नाटक
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के नेताओं ने यमुना का पानी पीने का नाटक किया, जबकि असलियत यह है कि यमुना साफ नहीं हुई है। पर्यावरण मंत्री को यह स्वीकार करना पड़ा है कि उन्हें यमुना को साफ करने में चार साल लगेंगे।
विधानसभा में हंगामा
सौरभ भारद्वाज ने बताया कि विधानसभा सत्र के पहले दिन चार 'आप' विधायकों को बिना चेतावनी के बाहर कर दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सदन में चर्चा नहीं होनी थी, तो उसे बुलाने की क्या आवश्यकता थी।
शिक्षा पर सवाल
उन्होंने शिक्षा मंत्री पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अगर कोई आदेश गलत था, तो अब तक उसे वापस क्यों नहीं लिया गया।
फीस वृद्धि का मुद्दा
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार के आने के बाद स्कूलों ने फीस में 20 से 80 प्रतिशत तक वृद्धि की है। उन्होंने शिक्षा मंत्री से चुनौती दी कि वे एक ऐसा स्कूल बताएं, जिसकी फीस वापस करवाई गई हो।
दिल्ली में प्रदूषण की गंभीरता
नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि प्रदूषण के कारण दिल्लीवासियों का जीना दूभर हो गया है। उन्होंने बताया कि अस्पतालों में सांस की बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
भाजपा की नाकामी
आतिशी ने कहा कि भाजपा प्रदूषण पर चर्चा नहीं होने देना चाहती। उन्होंने कहा कि अगर सदन में चर्चा नहीं होगी, तो लोग सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज उठाएंगे।
