Newzfatafatlogo

दिल्ली में वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर पर GRAP-4 लागू

दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुंच गया है, जिसके चलते GRAP-4 के तहत सख्त प्रतिबंध लागू किए गए हैं। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार जाने के बाद, CAQM ने आवश्यक कदम उठाए हैं। इस लेख में जानें कि कैसे यह स्थिति प्रभावित कर रही है, स्कूलों, दफ्तरों और ट्रैफिक पर इसके प्रभाव के बारे में।
 | 
दिल्ली में वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर पर GRAP-4 लागू

दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता में गिरावट


दिल्ली और उसके आस-पास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार जाने के बाद, दिल्ली-NCR में GRAP-4 के तहत कड़े प्रतिबंध फिर से लागू कर दिए गए हैं। यह निर्णय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा शनिवार को लिया गया।


AQI में तेजी से वृद्धि

CAQM के अनुसार, शनिवार शाम 4 बजे दिल्ली का AQI 400 था, जो कुछ घंटों में बढ़कर 428 तक पहुंच गया। आयोग ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ, खराब मौसम और प्रदूषक तत्वों के फैलाव में रुकावट के कारण स्थिति तेजी से बिगड़ी है। आने वाले समय में AQI के 450 से ऊपर जाने की संभावना को देखते हुए GRAP-4 को लागू किया गया है।


GRAP के तहत वायु गुणवत्ता के स्तर

GRAP के तहत हवा की गुणवत्ता को चार श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है:


Poor (201-300), Very Poor (301-400), Severe (401-450) और Severe+ (450 से ऊपर)। वर्तमान में, दिल्ली-NCR 'Severe' से 'Severe+' की ओर बढ़ रहा है।


GRAP-4 के तहत लागू प्रमुख प्रतिबंध

GRAP-4 में दिसंबर 2025 से एक नया नियम जोड़ा गया था, जो अब फिर से लागू हो गया है। इसके तहत BS-VI मानक वाले और दिल्ली में रजिस्टर्ड न होने वाले वाहनों की एंट्री पर रोक रहेगी, चाहे वे पेट्रोल से ही क्यों न चलते हों।


इसके अलावा, गैर-जरूरी ट्रकों की दिल्ली में एंट्री पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी। आवश्यक सामान ले जाने वाले ट्रकों और LNG, CNG, इलेक्ट्रिक या BS-VI डीजल से चलने वाले वाहनों को छूट दी गई है।


GRAP-4 लागू होते ही सभी निर्माण और तोड़फोड़ के कार्य रोक दिए गए हैं, जिसमें सड़क, हाईवे, फ्लाईओवर, बिजली लाइन और पाइपलाइन जैसे सरकारी प्रोजेक्ट शामिल हैं।


स्कूल, दफ्तर और ट्रैफिक पर प्रभाव

बच्चों और कमजोर वर्ग की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कक्षा 6 से 9 और 11 तक के छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित की जा सकती हैं। कक्षा 10 और 12 को बोर्ड परीक्षाओं के कारण छूट मिल सकती है।


सरकारी, निजी और नगर निगम के दफ्तरों में कम से कम 50% स्टाफ को वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी गई है। आवश्यकता पड़ने पर राज्य सरकारें कॉलेज बंद करने, गैर-जरूरी गतिविधियों को रोकने या ऑड-ईवन जैसी योजनाएं लागू कर सकती हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें और अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखें।