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इंदौर में दूषित पानी से संकट: मासूम की मौत और बढ़ती बीमारियां

मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी के कारण एक गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है, जिसमें एक 5 महीने के बच्चे की मौत हो गई है। भागीरथपुरा क्षेत्र में नल के पानी में गंदगी मिलने से हजारों लोग बीमार हो गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने इस समस्या की गंभीरता को स्वीकार किया है, लेकिन स्थानीय लोग मौतों की संख्या को और अधिक बताते हैं। जानें इस संकट के पीछे की वजह और इसके प्रभाव।
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इंदौर में दूषित पानी से संकट: मासूम की मौत और बढ़ती बीमारियां

इंदौर में पानी की समस्या


इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित जल के कारण गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। देश के सबसे स्वच्छ शहरों में से एक इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में नल के पानी में गंदगी मिलने से कई लोग बीमार हो गए हैं।


दुखद घटना: मासूम की मौत

इस घटना में एक 5 महीने का बच्चा भी अपनी जान गंवा चुका है, जो सभी के लिए अत्यंत दुखदायी है। यह बच्चा दस वर्षों की मन्नतों के बाद पैदा हुआ था।


बच्चे की मौत की दुखद कहानी

भागीरथपुरा में रहने वाले सुनील साहू के परिवार को इस घटना ने गहरा सदमा दिया है। उनके 5 महीने के बेटे अव्यान को कुछ दिन पहले उल्टी और दस्त की समस्या हुई। परिवार ने उसे डॉक्टर के पास ले जाकर इलाज शुरू किया था।


दूषित पानी का प्रभाव

बच्चे को बाजार से खरीदे गए दूध में नल का पानी मिलाया गया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिवार को यह नहीं पता था कि नगर निगम की पाइपलाइन से आने वाला पानी दूषित हो चुका है।


इस दूषित पानी के कारण बच्चे की स्थिति बिगड़ती गई और 29 दिसंबर को उसकी मृत्यु हो गई। पिता सुनील साहू का कहना है कि दूषित पानी ही उनके बेटे की मौत का कारण बना।


बीमारियों का फैलाव

भागीरथपुरा में पिछले सप्ताह से उल्टी और दस्त की शिकायतें तेजी से बढ़ी हैं। एक हजार से अधिक लोग इस बीमारी से प्रभावित हुए हैं, जिनमें से कई को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।


इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने अब तक 7 मौतों की पुष्टि की है, जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि यह संख्या अधिक हो सकती है। कुछ रिपोर्टों में 9 या 10 मौतों का उल्लेख किया गया है, जिनमें अधिकतर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।


दूषित पानी का कारण

जांच में यह सामने आया है कि पेयजल की पाइपलाइन में लीकेज था, जिसके कारण नाले का गंदा पानी पीने के पानी में मिल गया। एक स्थान पर शौचालय के नीचे पाइपलाइन होने से भी समस्या बढ़ गई। नर्मदा जल योजना की लाइन में गंदगी घुस गई, जिससे पूरे क्षेत्र के नलों से दूषित पानी आने लगा।