इंदौर में ब्लैकमेलिंग का सनसनीखेज मामला, श्वेता जैन हिरासत में
इंदौर में ब्लैकमेलिंग का मामला
इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से एक चौंकाने वाला ब्लैकमेलिंग मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने भोपाल से श्वेता जैन नाम की एक महिला को गिरफ्तार किया है। उल्लेखनीय है कि श्वेता जैन का नाम 2019 के चर्चित मध्य प्रदेश हनीट्रैप कांड में भी आया था, जिससे इस केस की चर्चा और बढ़ गई है।
यह मामला इंदौर के एक प्रॉपर्टी और शराब व्यवसायी हितेंद्र सिंह की शिकायत पर खुला है, जिन्हें लोग चिंटू ठाकुर के नाम से भी जानते हैं। हितेंद्र की पहली मुलाकात अलका दीक्षित नाम की महिला से हुई थी, जिसने उन्हें लाखन चौधरी नाम के व्यक्ति से मिलवाया, जो खुद को इंदौर, देवास और धार का प्रभावशाली व्यक्ति बताता था।
लाभ का लालच और दबाव
मोटे मुनाफे का दिया था लालच
लाखन ने हितेंद्र को रियल एस्टेट में साझेदारी का प्रस्ताव दिया और बड़े मुनाफे का लालच दिया। शुरुआत में यह एक सामान्य व्यापारिक सौदा लगा, लेकिन जब हितेंद्र ने साझेदारी से मना किया, तो स्थिति बिगड़ने लगी। आरोप है कि उन पर अलका दीक्षित के साथ 50 प्रतिशत साझेदारी का दबाव डाला गया।
धमकी और हाथापाई
रास्ते में रोककर दी धमकी
मामला तब और गंभीर हो गया जब 28 अप्रैल की रात हितेंद्र इंदौर के सुपर कॉरिडोर के पास अपनी कार में फोन पर बात कर रहे थे। अचानक एक गाड़ी रुकी, जिसमें अलका दीक्षित, उसका बेटा जयदीप दीक्षित, लाखन चौधरी और अन्य लोग थे। इन लोगों ने हितेंद्र के साथ बहस और हाथापाई की।
आरोपियों ने हितेंद्र को धमकी दी कि या तो वे उनके साथ बिजनेस पार्टनर बनें या फिर 1 करोड़ रुपये दें। उन्होंने हितेंद्र के परिवार को नुकसान पहुंचाने और उनकी कुछ तस्वीरें व वीडियो वायरल कर बदनामी करने की भी धमकी दी।
पुलिस की जांच में खुलासा
क्राइम ब्रांच की जांच में हुआ खुलासा
हितेंद्र की शिकायत के बाद इंदौर क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू की। पुलिस ने मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड, पैसों के लेनदेन और सोशल मीडिया की जांच की, जिससे श्वेता जैन का नाम फिर से सामने आया। पुलिस ने भोपाल के मीनाल इलाके में जाकर श्वेता जैन को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। उन्हें संदेह है कि यह एक बड़ा ब्लैकमेलिंग नेटवर्क हो सकता है और भविष्य में कई अन्य बड़े नामों का खुलासा हो सकता है।
