कटनी में एंबुलेंस की सफाई के लिए पत्नी को मजबूर करने का मामला
कटनी में एंबुलेंस सफाई का विवाद
कटनी: मध्य प्रदेश के कटनी जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक घायल व्यक्ति की पत्नी को 108 एंबुलेंस की सफाई करने के लिए कहा गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया, जिसके बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। जांच के परिणामस्वरूप एंबुलेंस चालक और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (EMT) को नौकरी से हटा दिया गया।
घटना का विवरण
यह घटना कटनी जिला अस्पताल में हुई। जानकारी के अनुसार, करेला गांव में एक सड़क दुर्घटना में राहुल बर्मन नामक युवक घायल हो गया था। उसे 108 एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल लाया गया, जहां एंबुलेंस के अंदर खून के धब्बे थे।
KATNI (MP)
— Pandit Brijendra Shukla Principal National Secret (@satya_1766) April 28, 2026
This is what happens here...
On one hand, the husband is fighting for his life, and on the other,
The wife is being made to clean the ambulance. Treatment will come later.
Cleaning first!!
Is this our government system and humanity?
What kind of rule is this?… pic.twitter.com/QgH8C8wmxC
EMT पर आरोप
आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद EMT मोहित खटीक ने घायल राहुल बर्मन की पत्नी प्रमिला बर्मन से कहा कि वह एंबुलेंस को साफ करे। इसके बाद महिला को खुद एंबुलेंस धोने के लिए मजबूर किया गया। इस घटना का वीडियो किसी व्यक्ति ने रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वीडियो के सामने आने के बाद लोगों ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। लोगों का कहना था कि एक दुखी महिला से इस तरह का काम करवाना अमानवीय है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर आशीष तिवारी ने तुरंत जांच के आदेश दिए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी की प्रतिक्रिया
कटनी के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी राज सिंह ठाकुर ने मामले की जांच की। जांच में यह पाया गया कि EMT द्वारा महिला से एंबुलेंस साफ करवाना नियमों के खिलाफ था। उन्होंने कहा कि यह व्यवहार पूरी तरह अस्वीकार्य है और स्वास्थ्य सेवाओं की गरिमा के खिलाफ है।
जांच के बाद की गई कार्रवाई
जांच रिपोर्ट के आधार पर एंबुलेंस सेवा संचालित करने वाली कंपनी JAES Projects Pvt Ltd ने सख्त कदम उठाया। कंपनी ने एंबुलेंस पायलट देवा साहू और EMT मोहित खटीक दोनों को सेवा से हटा दिया।
अधिकारियों ने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों पर कार्रवाई आवश्यक थी। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मरीज और उनके परिवार के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए और किसी भी परिस्थिति में उनसे ऐसा काम नहीं करवाया जा सकता जो नियमों और मानवता के खिलाफ हो।
