जबलपुर में मंदिर के पास हिंसा: लाउडस्पीकर के विवाद ने बढ़ाई तनाव की स्थिति
जबलपुर में तनावपूर्ण स्थिति
जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के सिहोरा क्षेत्र में हालात उस समय बिगड़ गए जब एक विशेष समुदाय के युवकों ने लाउडस्पीकर के खिलाफ विरोध करते हुए दुर्गा मंदिर में तोड़फोड़ की। इस दौरान समुदाय के कई लोग इकट्ठा होकर मंदिर पर पथराव करने लगे। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि दर्जनों दंगाई लाठी-डंडे और पत्थर लेकर सड़कों पर उतर आए। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा।
सिहोरा में हिंसा तब भड़की जब 20-30 युवक मस्जिद की छत से पत्थर फेंकते नजर आए। इन युवकों के हाथों में लाठी-डंडे और तलवारें थीं। मंदिर से पत्थर फेंकने के बाद ये युवक नीचे उतरकर फिर से पत्थर फेंकने लगे। हालांकि, दूसरी ओर से कोई भी पत्थर नहीं फेंका गया। बताया जा रहा है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े।
विवाद का कारण
क्या है विवाद की वजह?
लाउडस्पीकर की तेज आवाज को विवाद का मुख्य कारण बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि एक विशेष समुदाय के लोगों ने मंदिर में आरती के दौरान लाउडस्पीकर बजाने पर आपत्ति जताई। इससे दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई और मामला बढ़ गया। यह घटना सिहोरा के वार्ड नंबर 5 के आजाद चौक में हुई, जहां दुर्गा मंदिर के सामने मदीना मस्जिद भी स्थित है।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने क्या लिया एक्शन?
मंदिर और मस्जिद के निकटता के कारण दोनों समूहों के बीच झगड़े की संभावना हमेशा बनी रहती है। रमजान के महीने की शुरुआत के साथ ही इलाके में तनाव बढ़ गया। घटना की सूचना मिलने पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। जबलपुर रेंज के पुलिस अधिकारियों, जिला कलेक्टर और सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
फिलहाल, पुलिस ने दो दर्जन से अधिक दंगाइयों की पहचान की है, जिनमें से 15 से अधिक को हिरासत में लिया गया है। इसके साथ ही उनकी गाड़ियों को सीज करने और उनके खिलाफ प्रिवेंटिव एक्शन लेने की प्रक्रिया चल रही है। सिहोरा के आजाद चौक पर तनाव अभी भी बना हुआ है।
