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पंजाब: शमलात जमीन घोटाले में शामिल नायब तहसीलदार बर्खास्त

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चंडीगढ़, 26 फरवरी (हि.स.)। पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव कम वित्त आयुक्त राजस्व अनुराग वर्मा ने खरड़ के गांव सिऊंक में शमलात जमीन(पंचायती भूमि) का अवैध रूप से निजी व्यक्तियों के पक्ष में इंतकाल (मालिकाना हस्तांतरण) करने के कारण नायब तहसीलदार वरिंदरपाल सिंह धूत को बर्खास्त करने के आदेश जारी किए हैं।

नायब तहसीलदार धूत के खिलाफ यह कार्रवाई एक विस्तृत जांच के बाद की गई, जिसमें उन्हें पंजाब विलेज कॉमन लैंड्स एक्ट, 1961 के उल्लंघन का दोषी पाया गया।

मुख्य सचिव कार्यालय के प्रवक्ता ने बुधवार को बताया कि जांच में पता चला कि नायब तहसीलदार धूत ने गांव माजरी, एस.ए.एस. नगर में अपनी नियुक्ति के दौरान 28 सितंबर 2016 को इंतकाल नंबर 1767 को मंजूरी दी थी, जिसके तहत खरड़ तहसील के गांव सिऊंक की 10,365 कनाल और 19 मरले शमलात जमीन का मालिकाना हक निजी व्यक्तियों को दे दिया गया था।

जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह मालिकाना हक पंजाब सरकार के राजस्व विभाग ने जारी स्पष्ट निर्देशों और सुप्रीम कोर्ट के 2011 के जगपाल सिंह बनाम पंजाब राज्य मामले में दिए गए फैसले का उल्लंघन करके किया गया था। इस फैसले के अनुसार, शमलात जमीन को निजी पक्षों के नाम स्थानांतरित करने या इंतकाल करने पर रोक लगाई गई थी।

सेवानिवृत्त अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश बी.आर. बांसल ने प्रस्तुत जांच रिपोर्ट में यह पाया कि नायब तहसीलदार धूत ने न केवल अवैध रूप से इंतकाल को मंजूरी दी, बल्कि खेवटदारों/कब्जाधारकों के हिस्सों को बिना उचित सत्यापन के बढ़ा या घटाकर घोटाला भी किया है। कुछ मामलों में ऐसे व्यक्तियों को भी मालिकाना हक में शामिल किया गया, जिनका जमीन पर कोई वैध दावा नहीं था।

पंजाब के एफ.सी.आर. अनुराग वर्मा ने बर्खास्तगी के आदेशों में लिखा कि ऐसी गतिविधियों के खिलाफ सरकार ने ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपनाई हुई है। इसलिए, उपलब्ध तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, मैं सक्षम अधिकारी होने के नाते नायब तहसीलदार (निलंबित) वरिंदरपाल सिंह धूत को पंजाब सिविल सेवाएं (सजा एवं अपील) नियम, 1970 के उपनियम 5 के तहत सरकारी सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लेते हुए आदेश जारी किया जाता है।

यह कार्रवाई ए.सी.एस.-एफ.सी.आर. अनुराग वर्मा ने पंजाब के सभी डिप्टी कमिश्नरों (डी.सी.) को भ्रष्टाचार और बिना आपत्ति प्रमाण पत्र (एन.ओ.सी.) के प्लॉटों की रजिस्ट्रेशन में देरी के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी करने के बाद अमल में लाई गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा