आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा पर उठाए सवाल, भगवंत मान ने दी प्रतिक्रिया
राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाने पर आम आदमी पार्टी की प्रतिक्रिया
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी ने पंजाब से राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाने को सामान्य प्रक्रिया बताते हुए उनके बयान पर प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने राघव चड्ढा से सवाल किया है कि वह भाजपा या मोदी सरकार के खिलाफ बोलने से क्यों हिचकिचा रहे हैं। पार्टी का कहना है कि चड्ढा लगातार पार्टी की नीति के खिलाफ काम कर रहे थे। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से मना किया और एलपीजी संकट पर सदन में बोलने से भी इनकार किया। पार्टी का कहना है कि चड्ढा ने लंबे समय से संसद में कोई ऐसा मुद्दा नहीं उठाया है, जिसमें उन्होंने मोदी सरकार से सवाल किए हों। केजरीवाल ने सबको साहस से लड़ना सिखाया है, लेकिन चड्ढा भाजपा और मोदी सरकार से सवाल करने में डर रहे हैं।
भगवंत मान का बयान
भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह पार्टी का निर्णय है और ऐसे छोटे-छोटे निर्णय होते रहते हैं। उन्होंने कहा कि जब वह पहली बार चुनाव जीते थे, तब पार्टी ने डॉ. गांधी को नेता बनाया था। मान ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति पार्टी के व्हिप के खिलाफ जाता है, तो उस पर कार्रवाई होगी।
संजय सिंह की टिप्पणी
संजय सिंह ने कहा कि हम अरविंद केजरीवाल के सच्चे सिपाही हैं और निडरता से लड़ने की सीख ली है। उन्होंने कहा कि चड्ढा ने कई बार महत्वपूर्ण मुद्दों पर चुप्पी साधी है, जैसे कि गुजरात में कार्यकर्ताओं पर हमले और पंजाब के मुद्दों पर।
सौरभ भारद्वाज का बयान
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जो डर गया, समझो मर गया। उन्होंने कहा कि हमें सरकार की आंखों में आंखें डालकर जनता के मुद्दे उठाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को छोटे मुद्दों से कोई फर्क नहीं पड़ता, बल्कि बड़े मुद्दों पर ध्यान देना जरूरी है।
आतिशी का सवाल
आतिशी ने चड्ढा से सवाल किया कि वह भाजपा से क्यों डरते हैं और क्यों मोदी जी से सवाल नहीं उठाते। उन्होंने कहा कि देश के लोकतंत्र और संविधान पर खतरा मंडरा रहा है।
अनुराग ढांडा की टिप्पणी
अनुराग ढांडा ने कहा कि निडरता ही हमारी पहचान है। उन्होंने कहा कि जो मोदी से डरता है, वह देश के लिए क्या लड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि हमें असली मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
