पंजाब में ड्रग्स और गैंगस्टरवाद पर बलतेज पन्नू का बयान
पंजाब में ड्रग्स और गैंगस्टरवाद का मुद्दा
आम आदमी पार्टी (आप) के पंजाब मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि बिट्टू ने 2007 से 2017 तक अकाली-भाजपा शासन और 2017 से 2022 तक कांग्रेस सरकार की विफलताओं को उजागर किया है। बिट्टू ने चेतावनी दी है कि अगर भाजपा और बादलों का गठबंधन होता है, तो पंजाब में ड्रग्स और गैंगस्टरवाद की वापसी होगी।
पन्नू ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बिट्टू ने स्पष्ट रूप से यह सवाल उठाया है कि बादलों के साथ गठबंधन का मतलब पंजाब में 'चिट्टा' (सिंथेटिक ड्रग्स) और गैंगस्टरवाद की वापसी है। उन्होंने इसे केवल राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि एक स्वीकार्यता बताया है, जो यह दर्शाती है कि 2007 से 2017 के बीच पंजाब को किसने बर्बाद किया।
पन्नू ने बिट्टू से सवाल किया कि यदि उन्हें पता है कि बादल पंजाब में ड्रग्स और गैंगस्टर हिंसा के लिए जिम्मेदार हैं, तो कुछ भाजपा नेता उनके साथ गठबंधन की वकालत क्यों कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसका उत्तर भाजपा के भीतर ही छिपा है।
उन्होंने यह भी कहा कि आज पंजाब भाजपा का नेतृत्व कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ कर रहे हैं, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भाजपा के सीनियर नेता हैं। दोनों ने कहा है कि भाजपा, बादल परिवार के साथ गठबंधन के बिना पंजाब में टिक नहीं सकती। क्या इसका मतलब यह है कि उन्हें नहीं पता कि पंजाब में नशा किसने फैलाया और गैंगस्टरों को किसने पाला, या वे राजनीतिक लाभ के लिए इसे नजरअंदाज कर रहे हैं?
पन्नू ने याद दिलाया कि 2007 से 2017 के बीच अकाली-भाजपा शासन के दौरान पंजाब में नशा तस्करी और गैंगस्टर कल्चर अपने चरम पर था। उन्होंने कहा कि यह वह समय था जब पंजाब ने पहली बार 'चिट्टा' शब्द सुना, जब एक प्रमुख अकाली नेता (बिक्रम मजीठिया) का नाम नशा तस्करी के मामले में आया।
पन्नू ने 2017 से 2022 तक कांग्रेस शासन के दौरान बिट्टू की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें पता था कि नशा और गैंगस्टरवाद के लिए कौन जिम्मेदार है, तो क्या उन्होंने कभी बादलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की? क्या कैप्टन अमरिंदर सिंह या चरणजीत सिंह चन्नी ने कोई महत्वपूर्ण कार्रवाई की? सच यह है कि कांग्रेस, भाजपा और अकाली मिलकर सरकार चला रहे थे।
उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गुटका साहिब की कसम खाकर नशा खत्म करने के जो वादे किए थे, वे खोखले साबित हुए। पन्नू ने कहा कि 2017 से 2022 तक कांग्रेस सरकार ने नशा माफिया के खिलाफ कुछ नहीं किया।
पन्नू ने बताया कि 2022 में आप सरकार बनने के बाद से पंजाब में नशों और गैंगस्टरवाद के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 'युद्ध नशेयां विरुद्ध' मुहिम शुरू की है, जो अब अपने दूसरे चरण में है। पंजाब पुलिस कानून को हाथ में लेने वाले गैंगस्टर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है।
पन्नू ने सुझाव दिया कि रवनीत बिट्टू को ऐसे सवाल पूछना बंद कर देना चाहिए और इसके बजाय अपनी पार्टी के नेताओं से जवाब मांगना चाहिए, जो बादलों के साथ गठबंधन के सबसे बड़े समर्थक हैं। पंजाब के लोग सब कुछ करीब से देख रहे हैं और राज्य को बर्बाद करने वालों को वापस नहीं आने देंगे।
