महिला आरक्षण और परिसीमन पर सांसद कंग का जोरदार बयान
महिला आरक्षण पर आम आदमी पार्टी का समर्थन
आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद मालविंदर सिंह कंग ने आनंदपुर साहिब से संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दों पर पार्टी का पक्ष मजबूती से प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि पार्टी और उनके नेता अरविंद केजरीवाल तथा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान महिला आरक्षण बिल के पूर्ण समर्थन में हैं। कंग ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि 2023 में पारित इस बिल को शीघ्रता से लागू किया जाए।
महिला सशक्तिकरण पर विचार
महिला सशक्तिकरण के महत्व पर चर्चा करते हुए कंग ने कहा कि गुरु साहिबान ने हमें महिलाओं के सम्मान की शिक्षा दी है। उन्होंने याद दिलाया कि जब देश में सती प्रथा प्रचलित थी, तब गुरु रामदास जी और गुरु अर्जन देव जी ने इसके खिलाफ आवाज उठाई थी।
सिखों का ऐतिहासिक योगदान
कंग ने बताया कि जब विकसित देशों में महिलाओं को वोट देने का अधिकार नहीं था, तब सिखों की संस्था एसजीपीसी ने 1920 में महिलाओं को मतदान का अधिकार प्रदान किया।
परिसीमन पर कंग की चिंता
संसद में अपने विचार व्यक्त करते हुए, कंग ने परिसीमन के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि यह पंजाब जैसे छोटे राज्यों की राजनीतिक प्रतिनिधित्व को समाप्त करने की एक साजिश है। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई में पंजाब ने 2% जनसंख्या होने के बावजूद सबसे अधिक बलिदान दिए, लेकिन राजनीतिक प्रतिनिधित्व की कमी के कारण चंडीगढ़ जैसे महत्वपूर्ण स्थान से वंचित कर दिया गया।
जनसंख्या नियंत्रण का प्रभाव
कंग ने यह भी कहा कि भारत राज्यों का एक संघ है। जब केंद्र सरकार ने जनसंख्या नियंत्रण की अपील की थी, तब पंजाब ने इसे गंभीरता से लिया। अब, कम जनसंख्या के कारण पंजाब की लोकसभा और विधानसभा में सीटें कम की जा रही हैं। उन्होंने आशंका जताई कि केंद्र सरकार अपने राजनीतिक लाभ के लिए सीटों की सीमाबंदी कर सकती है।
केंद्र सरकार से अपील
अपने भाषण का समापन करते हुए, कंग ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि महिला आरक्षण कानून को तुरंत लागू किया जाए और परिसीमन के नाम पर संघीय ढांचे और छोटे राज्यों के अधिकारों का उल्लंघन बंद किया जाए।
