कोटा में अंधविश्वास का मामला: अस्पताल में तंत्र-मंत्र का अनुष्ठान
कोटा में अंधविश्वास का चौंकाने वाला मामला
कोटा: राजस्थान के कोटा में एक अंधविश्वास से जुड़ी घटना ने सबको चौंका दिया है। एक व्यक्ति अपने पिता की आत्मा को वापस लाने के लिए अस्पताल पहुंचा। यह घटना न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के परिसर में हुई, जहां भीलवाड़ा जिले के छोटी बिजौलिया से आए एक परिवार ने तंत्र क्रियाएं करते हुए देखा गया।
सूत्रों के अनुसार, दिनेश प्रजापति नामक युवक अपने परिवार और एक महिला तांत्रिक के साथ अस्पताल आया। उसके पिता की मृत्यु लगभग 9 साल पहले 2017 में इसी अस्पताल में हुई थी। परिवार का कहना है कि उनके घर में लगातार समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं और कोई भी कार्य सही से नहीं हो रहा है।
घटना का विवरण
क्या है पूरा मामला?
दिनेश ने एक महिला तांत्रिक से मुलाकात की, जिसने उसे बताया कि उसके घर का वास्तु बिगड़ गया है और उसके पिता की आत्मा भटक रही है। तांत्रिक के अनुसार, जब तक पिता की आत्मा को वापस नहीं लाया जाएगा, तब तक परिवार की समस्याएं समाप्त नहीं होंगी।
इस विश्वास के चलते, दिनेश अपने परिवार के साथ अस्पताल पहुंचा और गेट नंबर 4 के सामने बैठकर तंत्र-मंत्र की क्रियाएं करने लगा। परिवार के लोग मिट्टी के कलश, फूल, माला और धूप-अगरबत्ती लेकर आए थे। ढोल-नगाड़ों के साथ यह अनुष्ठान किया गया, जिसे देखकर वहां उपस्थित लोग हैरान रह गए।
अस्पताल परिसर का माहौल
कैसा था वहां का माहौल?
इस घटना ने अस्पताल परिसर में चर्चा का माहौल बना दिया। कई लोग इसे अंधविश्वास मानते हैं, जबकि कुछ इसे आस्था से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, चिकित्सा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ऐसी मान्यताओं का कोई आधार नहीं है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं समाज में जागरूकता की कमी और मानसिक दबाव के कारण होती हैं। जब लोग लगातार समस्याओं का सामना करते हैं, तो वे समाधान के लिए तांत्रिक या झाड़-फूंक जैसे उपायों की ओर बढ़ते हैं। आज के आधुनिक युग में भी अंधविश्वास किस प्रकार लोगों के जीवन को प्रभावित कर रहा है। प्रशासन ने इस मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं किया, लेकिन इस तरह की गतिविधियों पर नजर रखने की बात कही है।
