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कोटा में किसान की दुखद मौत ने कृषि संकट को उजागर किया

कोटा में एक किसान की हृदयाघात से मृत्यु ने कृषि संकट की गंभीरता को उजागर किया है। हंसराज वैष्णव, जो अपनी फसल के कम मूल्य से तनाव में थे, मंडी में बेहोश हो गए। उनकी स्थिति और परिवार की परेशानियों ने किसानों की दुर्दशा को दर्शाया है। जानें इस घटना के पीछे की पूरी कहानी और इसके प्रभाव।
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कोटा में किसान की दुखद मौत ने कृषि संकट को उजागर किया

कोटा में किसान की हृदयाघात से मृत्यु


राजस्थान: कोटा में एक दुखद घटना ने किसानों की समस्याओं को फिर से सामने ला दिया है। मंडी में गेहूं बेचने गए एक किसान को फसल का कम मूल्य सुनते ही हृदयाघात आया और उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। मृतक किसान की पहचान हंसराज वैष्णव के रूप में हुई है, जो झाड़ आमली गांव के निवासी थे। वे भामाशाह मंडी (एशिया की सबसे बड़ी अनाज मंडी) में गेहूं बेचने के लिए खड़े थे। जैसे ही उन्हें अपनी फसल का कम मूल्य पता चला, वे अचानक बेहोश हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।


घटना का पूरा विवरण

हंसराज ने इस वर्ष 10 बीघा जमीन किराए पर लेकर गेहूं की फसल उगाई थी, जबकि उनकी अपनी केवल 4 बीघा जमीन थी। हाल ही में हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि ने उनकी पूरी फसल को बर्बाद कर दिया था। इसके बावजूद, वे उम्मीद के साथ पिकअप वैन में गेहूं लेकर मंडी पहुंचे थे। मंडी में जब उन्हें बताया गया कि गेहूं का मूल्य बहुत कम है, तो वे अत्यधिक तनाव में आ गए। इसी तनाव के कारण उन्हें हृदयाघात आया और उनकी मृत्यु हो गई।


परिवार की स्थिति

हंसराज के भांजे प्रवीण ने बताया कि उनके मामा पर लगभग 8 लाख रुपये का कर्ज था। पिछले वर्ष उनकी सोयाबीन की फसल भी खराब हो गई थी। इस बार गेहूं की फसल बर्बाद होने और कम मूल्य मिलने से वे बहुत चिंतित थे। वे किसी गंभीर बीमारी से भी ग्रसित नहीं थे।


पुलिस की कार्रवाई

अनंतपुरा थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। एसआई घमंडी लाल ने बताया कि मंडी में खड़े किसान अचानक बेहोश हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृत्यु का असली कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवा दिया है।


किसानों की समस्याएं

यह घटना किसानों की कठिनाइयों को दर्शाती है। फसल खराब होने, कर्ज के बोझ और मंडी में कम मूल्य मिलने के कारण कई किसान मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। हंसराज जैसी घटनाएं किसानों की दयनीय स्थिति को उजागर करती हैं। परिवार अब मृतक किसान के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा है। पूरे क्षेत्र में इस घटना से शोक की लहर फैल गई है।