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जयपुर में अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्रवाई

जयपुर के चोमू कस्बे में एक मस्जिद के बाहर पुलिस पर पत्थरबाजी के बाद प्रशासन ने अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। इमाम चौक क्षेत्र में बुलडोजर के माध्यम से अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया, जिसमें 19-20 लोगों को नोटिस जारी किए गए थे। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी बल तैनात किया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी विशेष समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि अवैध कब्जों के खिलाफ है। जानें इस कार्रवाई के पीछे की पूरी कहानी और प्रशासन की चेतावनियाँ।
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जयपुर में अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्रवाई

जयपुर में पुलिस पर पत्थरबाजी के बाद कार्रवाई


जयपुर: राजस्थान के जयपुर जिले के चोमू कस्बे में एक मस्जिद के बाहर पुलिस पर पत्थरबाजी की घटना के बाद, स्थानीय प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए अतिक्रमण हटाने का बड़ा अभियान शुरू किया है। यह कार्रवाई इमाम चौक क्षेत्र में की गई, जहां नगर परिषद और प्रशासन की संयुक्त टीम ने बुलडोजर का उपयोग कर अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया। इस ऑपरेशन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।


तनाव के बाद की गई कार्रवाई

यह कार्रवाई चोमू में हाल ही में उत्पन्न तनाव के बाद की गई है। मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने को लेकर विवाद बढ़ गया, जो बाद में हिंसक हो गया। झड़प के दौरान, एक समूह ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंके, जिससे कई अधिकारी घायल हो गए। इस घटना ने क्षेत्र में सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न कीं। इसके बाद, पुलिस ने हिंसा में शामिल लोगों की पहचान करने का कार्य शुरू किया, जबकि नगर परिषद ने अवैध निर्माणों की जांच तेज कर दी।


19-20 लोगों को नोटिस जारी

प्रशासन के अनुसार, इमाम चौक क्षेत्र में सरकारी और सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतें लंबे समय से आ रही थीं। एक विस्तृत सर्वेक्षण के बाद, नगर परिषद ने लगभग 19-20 लोगों को नोटिस जारी कर उन्हें एक निश्चित समय सीमा के भीतर जवाब देने और अतिक्रमण हटाने के लिए कहा। जब निर्धारित समय बीत गया और कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रशासन ने गुरुवार को बुलडोजर के साथ कार्रवाई की।


पुलिस की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था

चोमू पुलिस स्टेशन के इंचार्ज प्रदीप शर्मा ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, 'जो गलत है, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। हम नगर परिषद के साथ मौके पर हैं। अतिक्रमणों की पहचान परिषद ने की है, और कानून के अनुसार सख्ती से कार्रवाई की जा रही है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निर्दोष लोगों को परेशान नहीं किया जाएगा और यह ऑपरेशन पूरी तरह से कानूनी है।


ADCP का बयान

जयपुर पश्चिम के ADCP राजेश गुप्ता ने भी इस कार्रवाई के बारे में जानकारी दी। उन्होंने पुष्टि की कि नगर परिषद द्वारा पहचाने गए सभी अवैध निर्माणों को हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'पहले लगभग 19 से 20 नोटिस जारी किए गए थे। जिन लोगों ने नोटिस के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया, उनके खिलाफ अब कार्रवाई की जा रही है। कुछ लोग जो शांति भंग करने और पुलिस पर पत्थरबाजी में शामिल थे, उनके अवैध निर्माण भी इस अभियान में शामिल किए गए हैं।'


सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात

किसी भी प्रकार की अशांति को रोकने के लिए, इमाम चौक और उसके आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। प्रशासन ने स्थिति पर कड़ी नजर रखने और अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए ड्रोन और CCTV कैमरों का भी उपयोग किया। स्थानीय लोगों से अपील की गई कि वे शांत रहें और ऑपरेशन के दौरान अधिकारियों का सहयोग करें।


अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी विशेष समुदाय या व्यक्ति के खिलाफ नहीं है, बल्कि पूरी तरह से अवैध कब्जों के खिलाफ है। अधिकारियों ने कहा कि अतिक्रमण विरोधी अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा, और जहां भी अवैध निर्माण पाए जाएंगे, वहां इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।


प्रशासन की चेतावनी

प्रशासन ने कड़ी चेतावनी भी जारी की है कि जो लोग पुलिस पर हमला करेंगे या सरकारी कार्य में बाधा डालेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। चोमू में बुलडोजर कार्रवाई को अधिकारियों की ओर से एक स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि हिंसा और अवैध अतिक्रमण के प्रति जीरो टॉलरेंस होगा।