राजस्थान हाईकोर्ट ने मोनू मानेसर को दी जमानत, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मोनू मानेसर की रिहाई
राजस्थान उच्च न्यायालय ने नासिर और जुनैद हत्या मामले के मुख्य आरोपी मोहित यादव, जिसे मोनू मानेसर के नाम से जाना जाता है, को रिहा करने का आदेश दिया है। मोनू पिछले ढाई वर्षों से सेवर जेल में बंद था और शनिवार शाम को उसे रिहा किया गया। उसकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने विशेष प्रबंध किए।
सुरक्षा के इंतजाम
हरियाणा से बड़ी संख्या में गौसेवक मोनू को लेने के लिए सेवर जेल पहुंचे। उसे बुलेटप्रूफ जैकेट पहनाया गया और उसकी कार को पुलिस की कई गाड़ियों ने एस्कॉर्ट किया। लोगों में चिंता थी कि कहीं रास्ते में उसकी हत्या न कर दी जाए, इसलिए सुरक्षा के सभी आवश्यक उपाय किए गए।
मामले का विवरण
मोनू गोरक्षक और बजरंग दल से जुड़े रहे हैं। उन पर 2023 में नासिर और जुनैद हत्या मामले का मुख्य आरोप था। राजस्थान पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा था, लेकिन अब उच्च न्यायालय ने उन्हें जमानत दे दी है। यह मामला तब सुर्खियों में आया जब फरवरी 2023 में राजस्थान के डीग जिले के घाटमीका गांव के निवासी नासिर और जुनैद अचानक लापता हो गए। उनके परिजनों ने 15 फरवरी को गोपालगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि दोनों का अपहरण किया गया। अगले दिन, 16 फरवरी को हरियाणा के भिवानी में एक जली हुई कार मिली, जिसमें दो कंकाल थे। जांच के बाद पता चला कि ये नासिर और जुनैद के कंकाल हैं।
मोनू मानेसर का परिचय
नासिर और जुनैद की हत्या का आरोप हरियाणा के गोरक्षकों पर लगा है, जिसमें मोनू मानेसर का नाम प्रमुखता से सामने आया। राजस्थान पुलिस ने 8 आरोपियों की तस्वीरें जारी की थीं, लेकिन शुरुआत में मोनू का नाम शामिल नहीं था। 6 जून को चार्जशीट में उनका नाम जोड़ा गया। इस सूची में रिंकू सैनी, गोगी, मोनू राणा और अनिल मुलथाना का भी नाम था। हरियाणा पुलिस ने 12 सितंबर 2023 को मोनू को गिरफ्तार किया और राजस्थान को सौंप दिया। मोनू पर नासिर और जुनैद के अलावा कई अन्य मामलों में भी आरोप हैं। पटौदी की बाबरशाह कॉलोनी में 6 फरवरी 2023 को दो समुदायों के बीच झड़प हुई थी, जिसमें चार लोग घायल हुए थे। मोनू पर गोली चलाने का भी आरोप है। हालांकि, मोनू खुद को एक सच्चा गोरक्षक बताता है।
